संयुक्त राष्ट्र ने साल 2021 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा दिया है। यूएएन ने साल 2021 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.5 फीसद कर दिया है।

यूएन ने इसमें जनवरी के अपने अनुमान से 0.2 फीसद की बढ़ोत्तरी की है। लेकिन साथ में यूएन ने यह भी कहा कि इस साल के लिए भारत का दृष्टिकोण बेहद नाजुक है। वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रोस्पेक्ट्स रिपोर्ट में कहा गया, ‘कई देशों में बढ़ते कोविड -19 संक्रमण और अपर्याप्त टीकाकरण के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी पर असर पड़ा है।’

यूएन ने साल 2022 में भारत की जीडीपी ग्रोथ का पूर्वानुमान 10.1 फीसद बताया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया, ‘भारत कोरोना महामारी की अधिक भयावह दूसरी लहर से विशेष रूप से प्रभावित है, जिसने देश के बड़े हिस्से में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को लाचार बना दिया है।’

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश ने वैक्सीन पात्रता का विस्तार किया है और बड़े पैमाने पर मांग को पूरा करने के लिए हर संभव तरीके अपनाए जा रहे हैं, लेकिन भारी मांग को पूरा करने के लिए टीकों की पहुंच असमान और अपर्याप्त है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था की बात करें, तो इसके साल 2021 में 5.4 फीसद की दर से विस्तार का पूर्वानुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि तेजी से टीकाकरण और राजकोषीय व मौद्रिक सहायता उपायों के चलते दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका रिकवरी के रास्ते पर हैं।