बोस्टन। एक्सॉनमोबिल जैसी कंपनियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2047 तक देश को ऊर्जा के लिहाज से स्वतंत्र बनाने के उद्देश्य को पूरा करने में मदद करने के लिए भारत के साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं। ये कंपनियां ऊर्जा के स्वच्छ स्रोत तलाशने में देश की मदद कर सकती हैं। एक्सॉनमोबिल के एक शीर्ष अधिकारी ने यह कहा।

अमेरिकी तेल एवं गैस कंपनी में इंटरनेशनल गवर्नमेंट रिलेशंस के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के वरिष्ठ निदेशक पीटर लवॉय ने सोमवार को यहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक के बाद यह टिप्पणी की।

सीतारमण वाशिंगटन में विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की वार्षिक बैठकों के साथ-साथ जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस समय एक हफ्ते की लंबी यात्रा पर अमेरिका में हैं। अमेरिका की आधिकारिक यात्रा के दौरान, सीतारमण के अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन से मिलने की भी उम्मीद है।

न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद, सीतारमण वहां से बोस्टन गयीं, जहां वह फिक्की और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) द्वारा आयोजित एक गोलमेज बैठक में निवेशकों तथा वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मिलेंगी। वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में छात्रों को भी संबोधित करेंगी।

लवॉय ने कहा, “पूरी दुनिया अब ऊर्जा में बदलाव के दौर से गुजर रही है। जलवायु परिवर्तन की समस्याओं को कम करने के लिए इसे ऊर्जा के स्वच्छ स्रोत तलाशने होंगे।”

उन्होंने कहा कि भारत एक और ऊर्जा संक्रमणकाल (बदलाव) का अनुभव कर रहा है और उसे अब भी अपनी आबादी को सस्ती, सुलभ, सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध करानी है।

लवॉय ने कहा, “तो इसमें ऊर्जा संक्रमणकाल के साथ-साथ ऊर्जा के स्वच्छ स्रोत प्राप्त करने का ऊर्जा संक्रमणकाल भी है। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री का, देश की आजादी की 100 वीं वर्षगांठ पर, 2047 तक भारत को ऊर्जा के लिहाज से स्वतंत्र बनाने के लिए स्वतंत्रता दिवस के भाषण में निर्धारित उनका लक्ष्य, ऊर्जा सुरक्षा के लिए बिल्कुल सही लक्ष्य है। और एक्सॉन मोबिल जैसी कंपनियां इस उद्देश्य को पूरा करने में मदद करने के लिए ऊर्जा के स्वच्छ स्रोत तलाशने की खातिर भारत के साथ काम करने को लेकर आशान्वित है।”