नीति आयोग ने सोमवार को ‘इंडिया एनर्जी डैशबोर्ड’ (आईईडी) का दूसरा संस्करण पेश किया। इस पहल का मकसद ऊर्जा से जुड़े सभी आंकड़े एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने आईईडी जारी करते हुए कहा कि यह देश के ऊर्जा से जुड़े सभी आंकड़ों को एक जगह लाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा, ‘‘नवीकरणीय और कई अन्य नई ऊर्जा प्रौद्योगिकयों के आने से ऊर्जा आपूर्ति तथा मांग क्षेत्रों के बीच एक-दूसरे पर प्रभाव अब अधिक महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।’’ कुमार के अनुसार परिदृश्य के निर्माण का प्रयास महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत को सतत कल के लिये आज के अवसरों का उपयोग करने की जरूरत है।

इस अवसर पर नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने कहा कि लक्ष्य आंकड़े को सूचना में बदलना है और सूचना को गहन जानकारी में बदलना है ताकि उन लोगों को प्रेरित किया जा सके जो अंतर लाने की स्थति में हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम धीरे-धीरे ऐसे समय की ओर बढ़ रहे हैं, जहां बड़े स्तर पर आंकड़े एक शुरूआती बिंदु है… इसीलिए आईईडी का निरंतर विकास होगा और भारत में ऊर्जा संबंधी निर्णयों में यह महत्वपूर्ण धुरी का काम करेगा।’’

नीति आयोग के सदस्य वी के सारस्वत ने कहा कि बेहतर नियोजन और नीति क्रियान्वयन के लिये सभी ऊर्जा मंत्रालयों के बीच मजबूत मंत्री स्तरीय समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा आंकड़ों को लेकर व्यापक, खुला और मुक्त पहुंच की दिशा में आईईडी एक शुरूआती कदम है।

आधिकारिक बयान के अनुसार आईईडी अन्य आंकड़ों के साथ वित्त वर्ष 2005-06 से 2019-20 तक की अवधि के ‘टाइम सीरिज’ आंकड़े उपलब्ध कराएगा। नीति अयोग ने ‘इंडिया एनर्जी डैशबोर्ड’ पहला संस्करण मई 2017 में पेश किया था।