केंद्रीय मंत्री आर. के. सिंह ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ग्राम उजाला कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के अतर्गत एनर्जी एफिसिएन्सी सर्विसेस लिमिटेड (ईईएसएल) के स्वामित्व वाली सब्सिडरी कंपनी कन्वर्जन्स एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) उच्च गुणवत्ता वाले एलईडी बल्बों का प्रति बल्ब 10 रुपए की वहनीय दर से वाराणसी से ग्रामीण इलाकों में वितरण करेगी।

ग्राम उजाला कार्यक्रम के पहले चरण के तहत 1 करोड़ 50 लाख एलईडी बल्बों का वितरण किया जाएगा। इससे भारत की जलवायु परिवर्तन कार्यनीति के तहत 2025 मिलियन केडब्ल्यूएच प्रतिवर्ष ऊर्जा की बचत होगी और कार्बनडाईऑक्साइड का उत्सर्जन प्रतिवर्ष 1.65 मिलियन टन कम होगा। इस कार्यक्रम के जरिए मात्र 10 रुपए प्रति बल्ब की दर से बेहतर प्रकाश की व्यवस्था की जा सकेगी। इससे बेहतर जीवन स्तर, आर्थिक बचत, अधिक आर्थिक गतिविधियां और ग्रामीण नागरिकों की बेहतर सुरक्षा की व्यवस्था की जा सकेगी।

केंद्रीय मंत्री आर. के. सिंह ने सीईएसएल को अपनी इस नई पहल के लिए बधाई दी जिसके तहत वह ग्रामीण आबादी को वहनीय और उच्च गुणवत्ता वाले एलईडी बल्बों की आपूर्ति करेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की भी इस बात के लिए प्रशंसा की कि उसने केंद्र के साथ महत्वाकांक्षी ‘पॉवर फॉर ऑल’ (सबके लिए बिजली) समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब चार वर्ष में ही राज्य के हर गांव में बिजली पहुंचा दी।

विद्युत मंत्री ने कहा कि भारत ऊर्जा अंतरण के साथ-साथ ऊर्जा कुशलता के क्षेत्र में भी नेतृत्वकारी भूमिका में आ गया है। इस योजना को वहनीयता का विचार सामने रख विशेष रूप से ग्रामीण घरों के लिए तैयार किया गया है और इससे ऊर्जा की पर्याप्त बचत होगी क्योंकि हर 12 वॉट का एलईडी बल्ब 100 वॉट के सामान्य चमकीले बल्ब जितना ही प्रकाश देता है।

विद्युत मंत्री ने उजाला योजना को लागू करने के लिए ईईएसएल द्वारा किए प्रयासों की प्रशंसा की जिसके तहत 36 करोड़ एलईडी बल्बों का वितरण किया जा चुका है और देशभर में 1 करोड़ 15 लाख स्ट्रीट लाइटों को एलईडी लाइटों में बदल दिया गया है। इससे हजारों मेगावॉट बिजली की बचत हुई है। अब ग्राम उजाला योजना ग्रामीण घरों में लागू की जाएगी जहां एलईडी बल्बों को मात्र 10 रुपए की वहनीय दर पर वितरित किया जाएगा। इस योजना के तहत बिहार के आरा जिले में शुरुआत से दो दिन के भीतर ही 6,150 बल्बों के वितरण के लक्ष्य को पार कर लिया गया।

इस कार्यक्रम के तहत 7 वॉट और 12 वॉट के एलईडी बल्बों को तीन साल की वारंटी के साथ ग्रामीण उपभोक्ताओं को सामान्य चमकीले बल्बों को लौटाने पर उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राम उजाला कार्यक्रम पांच जिलों के सिर्फ उन्हीं गांवों में लागू किया जाएगा जहां उपभोक्ता पुराने सामान्य बल्बों के स्थान पर कम से कम पांच एलईडी बल्ब लेंगे।

इन ग्रामीण घरों में बिजली के उपयोग की निगरानी के लिए मीटर लगाए जाएंगे। कार्बन क्रेडिट को शाइन प्रोग्राम ऑफ एक्टिविटीज के तहत खरीदारों की जरूरतों के आधार पर स्वैच्छिक कार्बन मानक के रूप में सत्यापित करने के विकल्प के साथ तैयार किया जाएगा।