नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन पर आगामी ‘कॉप 26’ को वित्त एवं जवाबी उपायों जैसे एजेंडा के सभी विषयों के प्रति समान व्यवहार के साथ एक संतुलित परिणाम को सुनश्चित करना चाहिए।

उन्होंने डेनमार्क के जलवायु, ऊर्जा एवं उपयोगिता मंत्री डैन जोएरगेन्सेन के साथ एक बैठक में यह बात कही।

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) के पक्षकारों का 26वां सम्मेलन (कॉप 26) नवंबर में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाला है।

बैठक के बाद यादव ने ट्वीट किया कि डेनिश समकक्ष के साथ उनकी सार्थक बातचीत हुई।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में, खासतौर पर तमिलनाडु में अपतटीय स्वच्छ एवं पवन ऊर्जा केंद्र की स्थापना के लिए डेनमार्क की कोशिशों को लेकर धन्यवाद देता हूं। ’’

पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में भारत और डेनमार्क के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।

डेनमार्क के मंत्री एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की पांच दिनों की यात्रा पर हैं।

बैठक में यादव ने भारत में श्वेत क्रांति लाने में डेनमार्क के योगदान का भी उल्लेख किया।

इसके अलावा, यादव ने एक जर्मन संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद कहा कि भारत और जर्मनी मजबूत ऊर्जा एवं जलवायु साझोदारी बनाने के लिए समन्वित कोशिशें करेंगे।