केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी सबसे दूषित स्थलों वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में तीसरे स्थान पर है। सीपीसीबी के अनुसार, भारत में 112 स्थल ऐसे हैं जो विषैले और खतरनाक पदार्थों से दूषित हैं। इसके अलावा, 168 स्थल ऐसे हैं जो दूषित हो सकते हैं, लेकिन इस संबंध में जांच और पुष्टि किए जाने की जाने की आवश्यकता है।

दूषित स्थलों की सूची में ओडिशा सबसे ऊपर है, जहां 23 दूषित स्थल हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश का स्थान है, जहां 21 दूषित स्थल हैं और 11 दूषित स्थलों के साथ दिल्ली तीसरे स्थान पर है।

दिल्ली में दूषित स्थलों में भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल के अलावा झिलमिल, वजीरपुर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, दिलशाद गार्डन और लॉरेंस रोड औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में 12 ऐसे स्थल हैं, जिनके दूषित होने की आशंका है।

‘दूषित स्थल’ ऐसे क्षेत्र हैं जहां मानव निर्मित विषैले और खतरनाक पदार्थ इतनी अधिक मात्रा में हैं, जिनसे मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को खतरा पैदा हो सकता है। ‘संभावित दूषित स्थल’ ऐसे क्षेत्र हैं जहां कथित तौर पर विषैले पदार्थ हैं, लेकिन वैज्ञानिक तरीके से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।