नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एक उन्नत किस्म का सूती कपड़ा विकसित किया है जो हानिकारक वायु प्रदूषकों को सोख लेने में सक्षम है।

जेडआईएफ-8 कॉटन और जेडआईएफ-67 कॉटन कहे जाने वाले ये उन्नत कपड़े हवा से बेंजीन, एनिलिन और स्टाइरीन जैसे कार्बनिक वायु प्रदूषकों के उच्च स्तर को सोख लेते हैं।

शोध दल के अनुसार, नाइट्रस ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड, कार्बन ऑक्साइड और अन्य विषैले वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (वीओसी) के बढ़ते स्तर के कारण होने वाला वायु प्रदूषण चिंता का प्रमुख कारण है। इन रसायनों के बेहद मामूली हिस्सों के भी लंबे समय तक संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है और इससे अस्थमा तथा आंख और गले में परेशानी हो सकती है।

आईआईटी दिल्ली के कपड़ा एवं फाइबर अभियांत्रिकी विभाग के अश्विनी अग्रवाल ने कहा कि विशेष रूप से, इन कपड़ों का उपयोग बंद स्थानों के भीतर जैसे घरों, कार्यालयों, थिएटरों, हवाईजहाज और वाहनों में किया जा सकता है।

शोध दल के मुताबिक, जेडआईएफ-8 उन्नत कपड़ा, इसके वजन से अधिकतम 19.89 मिलीग्राम/ग्राम एनिलिन, 24.88 मिलीग्राम/ग्राम बेंजीन और 11.16 मिलीग्राम/ग्राम स्टाइरीन को सोखने में सक्षम पाया गया है।

टीम ने कहा कि इन कपड़ों को 120 डिग्री सेल्सियस पर गर्म करके आसानी से दोबारा उपयोग किया जा सकता है और इनकी सोखने की क्षमता में कोई कमी भी नहीं आती है।