नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा कि विकास के सभी अहम क्षेत्रों में जैव विविधता पर विचार को मुख्य धारा में लाना और मानव कल्याण तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देना भारत की शासन की रणनीति के ‘‘मुख्य मंत्र’’ हैं।

‘जैव विविधता को सुधार की राह पर रखने’ विषय पर संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन के मंत्री स्तरीय सत्र को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हाल में भारत द्वारा डिजिटल रिपोर्टिंग ने एची जैव विविधता लक्ष्य-11 और सतत विकास लक्ष्य-15 के तहत वैश्विक संरक्षण लक्ष्य हासिल करने में ‘‘अहम’’ योगदान दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे 30 पहल द्वारा वैश्विक 30 के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता के बारे में बताकर बहुत खुशी हो रही है।’’

उन्होंने कहा कि दुनियाभर में सततता और भूदृश्य संरक्षण के सिद्धांतों पर आधारित नया जैव विविधता विज्ञान उभर रहा है जिसका ध्यान कई तरीकों पर है जिससे समाज जैव विविधता में बदलावों को स्वीकार कर रहा है।

यादव ने कहा, ‘‘विकास के सभी अहम क्षेत्रों में जैव विविधता के विचार को मुख्यधारा में लाना और मानव कल्याण और समावेशी विकास को बढ़ावा देना हमारी शासन रणनीति का मुख्य ‘मंत्र’ है।’’