नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार को चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ में तब्दील हो गया। भारत के मौसम विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी देते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

आईएमडी के तूफान चेतावनी प्रभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान के पश्चिम की ओर बढ़ने और रविवार शाम को उत्तरी आंध्र प्रदेश के कलिंगपत्तन और दक्षिणी ओडिशा के गोपालपुर तट के बीच से गुजरने की संभावना है।

आईएमडी ने कहा, ‘‘उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव का क्षेत्र पिछले छह घंटों में सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है और यह ताकतवर होकर चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ में तब्दील हो गया है।’’

उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के लिए तूफान की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

उल्लेखनीय है कि बहुत खराब मौसम होने की चेतावनी ऑरेंज अलर्ट के रूप में दी जाती है और इस दौरान सड़क और रेल यातायात बंद होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका होती है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के मद्देनजर उससे निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की शनिवार को समीक्षा की और अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।

इस तूफान के उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट से रविवार की शाम को 75 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने की संभावना है। इसकी अधिकतम गति 95 किलोमीटर तक होने का अनुमान जताया गया है। इसकी वजह से इलाके में भारी बारिश होने की संभावना है। तूफान की वजह से आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापत्तनम जबकि ओडिशा के गंजम और गजपति जिलों के प्रभावित होने की आशंका है।

आधिकारिक बयान के मुताबिक कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में एनसीएमसी ने केंद्रीय मंत्रालयों, एजेंसियों और राज्य सरकारों की बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिवों ने एनसीएमसी को उन कदमों की जानकारी दी जो तूफान से प्रभावित होने वाली संभावित आबादी की सुरक्षा के लिए उठाए गए हैं । साथ ही उन कदमों की भी जानकारी भी दी जो संचार और ऊर्जा जैसी अवसंरचना को तूफान से होने वाली हानि को न्यूनतम करने के लिए उठाए गए हैं।

बयान के मुताबिक यह सुनिश्चित किया गया है कि कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन किया जाए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने दोनों राज्यों में अपनी 18 टीमें तैनात की है और अन्य को तैयार रखा है। सेना और नौसेना के बचाव दल को भी उनके पोतों और विमानों के साथ तैनात किया जा रहा है।

बयान के मुताबिक राज्य और केंद्र की एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए गौबा ने जोर दिया कि सभी एहतियाती और बचाव के उपाय तूफान के तट से टकाराने से पहले संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि तूफान से जीवन की हानि शून्य और संपत्ति और अवसंरचना को नुकसान न्यूनतम रखने का लक्ष्य होना चाहिए। कैबिनेट सचिव ने राज्य सरकारों को आश्वस्त किया कि सभी केंद्रीय एजेंसिया मदद पहुंचाने के लिए उपलब्ध हैं।

इस बैठक में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिवों के अलावा गृह मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय के सचिवों, एनडीआरएफ के महानिदेशक, आदि ने हिस्सा लिया।