नई दिल्ली। चक्रवात ‘जवाद’ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने 64 दलों को काम में लगाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

चक्रवात ‘जवाद’ से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के प्रभावित होने की संभावना है।

एनडीआरएफ के महानिदेशक (डीजी) अतुल करवाल ने पत्रकारों को बताया कि संवेदनशील इलाकों में 46 दल तैनात किए गए हैं, जबकि 18 दलों को तैयार रखा गया है।

एनडीआरएफ की एक टीम में लगभग 30 कर्मी होते हैं।

करवाल ने कहा, ‘‘ हमें स्थिति से निपटने का भरोसा है।’’ उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने प्रभावित राज्यों तथा नागरिकों की मदद के लिए सभी तैयारियां की हैं।

एनडीआरएफ प्रमुख ने बताया राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने पहले ही स्थिति की समीक्षा की है। चक्रवात के पांच दिसंबर को ओडिशा पहुंचने तक स्थिति पर नजर रखी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनसीएमसी के अध्यक्ष हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब का क्षेत्र चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ में बदल गया है।

आईएमडी ने बताया कि चक्रवात के शनिवार सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के पास पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचने की संभावना है।