केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन और केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम यह रिपोर्ट जारी की। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन योजना में गुजरात ने पहला,आंध्र प्रदेश ने दूसरा और हिमाचल प्रदेश ने तीसरा स्थान हासिल की है। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रिपोर्ट जारी करते हुए आश्वासन दिया कि देश 2025 तक भी टीबी के खिलाफ लड़ाई जीत सकता है।गौरतलब है कि 2017 में, केंद्र सरकार ने 2025 तक टीबी को समाप्त करने के लक्ष्य के साथ इसके उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना (NSP) विकसित की थी।

हर्षवर्धन ने कहा कि कुछ राज्यों ने 2025 से पहले भी इसे मिटाने की प्रतिबद्धता जताई है। हिमाचल प्रदेश का लक्ष्य 2021 तक और सिक्किम और लक्षद्वीप का लक्ष्य 2022 तक इससे मुक्त होना है। 2019 में 24.04 लाख से अधिक रोगी चिन्हित किए गए रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में 24.04 लाख से अधिक रोगी चिन्हित किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत ज्यादा है। हर्षवर्धन ने पुस्तक के विमोचन के दौरान कहा कि टीबी के खिलाफ हमारी लड़ाई में यह महत्व रखता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल टीबी रोगियों में से 2.9 लाख लोगों की पहचान नहीं हो सकी। देश भर में बगैर पहचान वाले 10 लाख मामलों में से 7.81 लाख मामलों को चिन्हित कर लिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि पहले टीबी के खिलाफ लड़ाई काफी कठिन कार्य था, लेकिन अब यह ऐसा नहीं है। हम 2025 से पहले ही टीबी के खिलाफ लड़ाई जीत सकते हैं। टीबी रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी क्षेत्र ने 2012 में 3,000 के मुकाबले पिछले साल सात लाख मामलों का पता लगाया। सफलता दर भी 79 प्रतिशत से बढ़कर 81 प्रतिशत हो गई। हर्षवर्धन ने कहा कि अगर देश पांच महीने में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ खड़ा हो सकता है, तो यह निश्चित रूप से टीबी से लड़ सकता है।