नई दिल्ली। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 15,981 नए मामले सामने आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,40,53,573 पर पहुंच गयी जबकि 166 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 4,51,980 हो गयी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2,01,632 रह गयी है जो 218 दिनों में सबसे कम है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.59 प्रतिशत है जो पिछले साल मार्च के बाद से सबसे कम है। कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.07 प्रतिशत है।

आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में कोविड-19 का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 2,046 की कमी दर्ज की गयी है। इस बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3,33,99,961 हो गयी है जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गयी।

मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को कोविड-19 के लिए 9,23,003 नमूनों की जांच की गयी जिससे अब तक देश में इस महामारी का पता लगाने के लिए जांचें गए नमूनों की संख्या 58,98,35,258 हो गयी है। देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत 97.23 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।

देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 1.73 प्रतिशत दर्ज की गयी जो पिछले 47 दिनों से तीन प्रतिशत से कम रही है। साप्ताहिक संक्रमण दर 1.44 प्रतिशत दर्ज की गयी और यह पिछले 113 दिनों से तीन फीसदी से कम रही है।

आंकड़ों के अनुसार, देश में जिन 166 और लोगों ने जान गंवाई है उनमें से 67 की मौत केरल में और 29 की महाराष्ट्र में हुई। अभी तक देश में कुल 4,51,980 लोगों की मौत हुई है जिनमें से 1,39,734 लोगों की मौत महाराष्ट्र में, 37,931 की कर्नाटक, 35,869 की तमिलनाडु, 26,734 की केरल, 25,089 की दिल्ली, 22,897 की उत्तर प्रदेश और 18,935 लोगों की मौत पश्चिम बंगाल में हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।