कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बीच शनिवार को एक राहत की खबर आई। ड्रग्स कंट्रोलर ने डीआरडीओ की बनाई कोरोना की दवा केइमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।

रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि मुंह के जरिये ली जाने वाली इस दवा को कोरोना वायरस के मध्यम से गंभीर लक्षण वाले मरीजों के इलाज में इस्तेमाल करने की अनुमति मिल गई है। इस दवा को 2-deoxy-D-glucose (2-DG) नाम दिया गया है और इसका निर्माण डॉ. रेड्डी लैबोरेट्रीज करेगी।

दवा के क्लीनिकल ट्रायल्स सफल साबित हुए हैं। दावा है कि जिन मरीजों पर इसका ट्रायल किया गया, उनमें तेजी से रिकवरी देखी गई,साथ ही मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम हो गई। यानी ये दवा अस्पताल में भर्ती मरीजों के जल्द ठीक होने में मदद करने के साथ-साथ अतिरिक्त ऑक्सीजन की निर्भरता को कम करती है।

2-डीजी दवा पाउडर के रूप में एक पैकेट में आती है, इसे पानी में घोल कर पीना होता है। ये दवा संक्रमित कोशिकाओं में जमा हो जाती है और वायरल सिंथेसिस और एनर्जी प्रोडक्शन कर वायरस को बढ़ने से रोकती है। तीसरे फेज के ट्रायल में इसकी पुष्टि हुई।