विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि यूएन की कोवैक्स पहल कारगर साबित हो रही है।ज़रूरतमन्द देशों में कोविड-19 वैक्सीन के न्यायसंगत वितरण के लिये, यूएन के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत एक महीने में, 61 देशों में तीन करोड़ 20 लाख ख़ुराकों का वितरण किया जा चुका है।

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने, इस वर्ष की शुरुआत में, एकजुट प्रयासों के ज़रिये, साल के पहले 100 दिनों में हर देश में टीकाकरण शुरू करने का आहवान किया था। महानिदेशक घेबरेयेसस ने जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा, “177 देशों व अर्थव्यवस्थाओं में टीकाकरण की शुरुआत हो गई है।” “और एक महीने में ही कोवैक्स मुहिम के तहत 61 देशों में तीन करोड़ 20 लाख से ज़्यादा ख़ुराकों को पहुँचाया गया है। यह काम कर रही है। ”

उन्होंने आगाह किया कि 100 दिन पूरे होने में अब महज़ 15 दिन शेष हैं, और 36 अन्य देश अभी वैक्सीनों की राह देख रहे हैं, ताकि स्वास्थ्यकर्मियों व बुज़ुर्गों को वैक्सीन रूपी कवच प्रदान किया जा सके। इनमें से 16 देशों को अगले 15 दिनों में, कोवैक्स पहल के तहत, वैक्सीन की शुरुआती ख़ुराकें उपलब्ध कराई जाने की तैयारी है, जिससे प्रतीक्षारत देशों की संख्या महज़ 20 रह जाएगी।

“कोवैक्स, वितरण के लिये तैयार है, लेकिन जो वैक्सीन हमारे पास हैं ही नहीं, उन्हें वितरित नहीं किया जा सकता। ” उन्होंने कहा कि निर्यात पाबन्दियों और वैक्सीन कूटनीति के असर के कारण आपूर्ति और माँग में एक बड़ी खाई पैदा हो गई है।

यूएन एजेंसी के महानिदेशक ने बताया कि कोविड-19 वैक्सीन की बढ़ती माँग के मद्देनज़र वैक्सीन की करोड़ों ख़ुराकों को पाने में देरी हो रही है। कोवैक्स इन्हीं ख़ुराकों की आपूर्ति पर निर्भर है। उन्होंने भरोसा जताया कि शुरुआती 100 दिनों में सभी देशों में टीकाकरण शुरू करने की समस्या को सुलझा पाना सम्भव है।

यूएन एजेंसी के महानिदेशक ने देशों से आग्रह किया है कि आपात इस्तेमाल सूची के तहत मंज़ूरी पाने वाली वैक्सीनों की ख़ुराकों को दान में दिया जाना होगा, ताकि ज़रूरतमन्द देशों में टीकाकरण के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके। इससे 20 अन्य देशों के लिये भी, अगले दो सप्ताह के भीतर, टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर पाना सम्भव होगा।

“कोवैक्स के लिये तत्काल एक करोड़ ख़ुराकों की आवश्यकता है। ”उन्होंने कहा कि वैक्सीनों को दान दिया जाना, एक मुश्किल राजनैतिक फ़ैसला है, और इसे लेते समय, सरकारों को अपनी जनता को भरोसे में लेना होगा। कोविड-19 के अब तक 12 करोड़ 51 लाख मामलों की पुष्टि हो चुकी है, और 27 लाख 48 हज़ार लोगों की मौत हुई है।

सभार: यूएन हिंदी