जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते कई देशों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने के कारण वैश्विक स्तर पर मलेरिया के खतरे से निपटने के प्रयास प्रभावित हुए हैं, जिससे पिछले साल मलेरिया ने दुनियाभर में हजारों और लोगों की जान ले ली।

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने अपनी विश्व मलेरिया रिपोर्ट के नवीनतम संस्करण में वर्ष 2020 में इस बीमारी के कुल 24 करोड़ 10 लाख मामलों की जानकारी दी, जोकि एक साल पहले की तुलना में एक करोड़ 40 लाख अधिक हैं, जबकि इसी दौरान 6,27,000 मौतें हुईं, जोकि एक साल पहले की तुलना में 69,000 की वृद्धि है।

डब्ल्यूएचओ ने एक बयान में कहा, ‘इन अतिरिक्त मौतों में से लगभग दो-तिहाई (47,000) महामारी के दौरान मलेरिया की रोकथाम, निदान और उपचार के प्रावधान में व्यवधान से जुड़ी थीं।’

एजेंसी ने कहा कि वर्ष 2020 में सामने आए मलेरिया के सभी मामलों और मौतों का कम से कम 95 प्रतिशत हिस्सा उप-सहारा अफ्रीका क्षेत्र से रहा।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि पिछले वर्ष के आंकड़े बहुत खराब हो सकते थे, क्योंकि संगठन ने वर्ष 2020 में मलेरिया से संबंधित मौतों की दोगुनी मौत होने की आशंका जतायी थी। हालांकि, कई देशों ने मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में अपने कार्यक्रमों को तेज करने का प्रयास किया है।