नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने के तहत सोमवार को एक आदेश जारी किया कि ये महिलाएं उन स्वास्थ्य केंद्रों में टीका लगवा सकती है, जहां वे नियमित जांच के लिए जाती हैं।

कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभ्यास इस साल 16 जनवरी से शुरू हुआ था। हालांकि गर्भवती महिलाओं को करीब एक महीने पहले टीकाकरण के लिए पात्र बनाया गया।

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के टीकाकरण के संबंध में यह निर्देश दिया जाता है कि उनका टीकाकरण उन स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर किया जा सकता है, जहां वे अपनी नियमित एएनसी / पीएनसी जांच के लिए जाती हैं।

महिला की ओर से पेश अधिवक्ता वसुधा जुत्शी ने कहा कि याचिकाकर्ता गर्भावस्था के अंतिम चरण में है और वह प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाना चाहती है।

उन्होंने गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण अभियान में प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने के लिए नयी अधिसूचना जारी करने के लिए सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा और केंद्र सरकार के स्थायी वकील अनुराग अहलूवालिया ने कहा कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) ने 28 मई को एक अधिसूचना जारी की है जिसमें विभिन्न सिफारिशें की गई हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि प्रसूति देखभाल केंद्र आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं को देश में उपलब्ध कोविड-19 टीकों-कोविशील्ड और कोवैक्सीनन से जुड़े लाभ और जोखिमों के बारे में सूचित किया जा सकता है।

एनटीएजीआई की सिफारिशों में कहा गया है कि एक गर्भवती महिला को उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर निकटतम केंद्र में उपलब्ध कोविड​​​​-19 टीके की पेशकश की जा सकती है और टीका गर्भावस्था के दौरान कभी भी दिया जा सकता है। साथ ही कहा कि स्तनपान कराने वाली सभी महिलाएं प्रसव के बाद कभी भी कोविड​​​​-19 टीके लेने के लिए पात्र हैं।