देश में कोरोना वायरस संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या कम होकर 60,000 से नीचे आ गई है। पिछले 24 घंटों में देशभर में कोविड-19 के 55,342 नये मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 71,75,880 तक पहुंच गये और ठीक हुए मरीजों की संख्या 62 लाख के पार हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार यह जानकारी सामने आयी है।

सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आँकड़ों के मुताबिक, देश में एक दिन में संक्रमण के 55,342 नये मामले सामने आने से कुल मामले बढ़कर 71,75,880 तक पहुंच चुके हैं, जबकि पिछले 24 घंटे के अंतराल में बीमारी से 706 लोगों की जान जाने से देश में मरने वालों की संख्या 1,09,856 हो गई। देश में लगातार पांचवें दिन कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या नौ लाख से नीचे रही। देश में लगातार पांचवें दिन संक्रमण के 75,000 से कम नए मामले सामने आए और लगातार 10 दिनों से मृतक संख्या 1,000 से नीचे रही।

भारत में 17 सितंबर को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 97,894 मामले सामने आये थे। नवीनतम आँकड़ों के मुताबिक, देश में वर्तमान में कोरोना वायरस के 8,38,729 मरीजों का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 11.69 प्रतिशत है। कोविड-19 के मामले में मृत्यु दर 1.53 प्रतिशत है। भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख का आँकड़ा पार कर गए थे। यह आंकड़ा 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख की संख्या को पार कर गया।

आईसीएमआर के अनुसार, सोमवार को 10,73,014 नमूनों की जांच की गई, जबकि 12 अक्टूबर तक कुल 8,89,45,107 नमूनों की जांच की जा चुकी है। बीमारी के कारण हुई 706 नई मौतों में 165 महाराष्ट्र में हुई है, जबकि कर्नाटक में 70, तमिलनाडु में 62, पश्चिम बंगाल में 60, उत्तर प्रदेश में 44, दिल्ली में 40, छत्तीसगढ़ में 33 और आंध्र प्रदेश में 32 मौतें हुई हैं। देश में अब तक हुई कुल 1,09,856 मौतों में से महाराष्ट्र में 40,514, तमिलनाडु में 10,314, कर्नाटक में 10,036, उत्तर प्रदेश में 6,438, आंध्र प्रदेश में 6,256, दिल्ली में 5,809, पश्चिम बंगाल में 5,682, पंजाब में 3,860 और गुजरात में 3,574 मौतें हुई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मौतें मरीजों में अन्य बीमारियों के कारण हुईं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे आंकड़ों का भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के आँकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।’’