भारत ने कहा कि अब संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आइएसए) में शामिल हो सकते हैं। इनमें उष्ण कटिबंध क्षेत्र के बाहर स्थित देश भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि आइएसए के समझौता ढांचा में एक संशोधन के हाल ही में प्रभाव में आने के कारण ऐसा हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कटिबंधों के बाहर भी अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की सदस्यता को सार्वभौम बनाने की दृष्टि को साकार करते हुए आइएसए के पहली महासभा की बैठक में 3 अक्टूबर 2018 को संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों के लिए सदस्यता के दायरे में विस्तार करने के लिए समझौता ढांचा में संशोधन को मंजूरी दी गई थी।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि आइएसए के जरूरी संख्या में सदस्य देशों से जरूरी स्वीकार्यता प्राप्त होने के बाद समझौता ढांचे में यह संशोधन आठ जनवरी 2021 से प्रभाव में आया। इसके बाद अब संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आइएसए) में शामिल हो सकते हैं जिनमें उष्ण कटिबंध क्षेत्र के बाहर स्थित देश भी शामिल हैं।