संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अफगानिस्तान, सीरिया और ईरान समेत संकटग्रस्त देशों में कोविड-19 के चलते इस्लामिक स्टेट तथा अलकायदा आतंकवादी समूहों से होने वाले खतरों में वृद्धि हुई है लेकिन यूरोप में हुए सिलसिलेवार हमलों के बावजूद गैर-संकटग्रस्त देशों में यह खतरे अपेक्षाकृत कम हैं।

विशेषज्ञों के की एक समिति ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश की गई अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि साल 2020 के मध्य में संकटग्रस्त देशों में खतरों में वृद्धि जारी रही क्योंकि ‘महामारी ने आतंकवादियों की तुलना में कानून-व्यवस्था कायम करने वाले बलों को अधिक प्रभावित किया है’ जबकि आतंकवादी कोविड-19 पाबंदियों के बावजूद बेरोकटोक आवाजाही करते और एकत्रित होते रहे।

समिति ने संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों का नाम लिये बिना कहा कि उसका अनुमान है कि विभिन्न देशों में महामारी से संबंधित पाबंदियों में ढील देने से ‘योजनाबद्ध हमलों को अंजाम दिया जा सकता है।’