प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर रवांडा के राष्ट्रपति महामहिम पॉल कागमे और डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

प्रतिष्ठित रायसीना डायलॉग का 6ठा संस्करण विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से 13 से 16 अप्रैल, 2021 के बीच आयोजित किया जाएगा। 2021 संस्करण का विषय, “#वायरलवर्ल्ड: आउटरीक्स, आउटलाइनर्स एंड आउट ऑफ कंट्रोल” है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रायसीना डायलॉग का वर्तमान संस्करण कोविड-19 महामारी की पृष्ठभूमि में मानव इतिहास के एक ऐसे क्षण में हो रहा है,जो विश्व के एक वर्ष से अधिक के समय को बर्बाद कर चुका है। प्रधानमंत्री ने वर्तमान संदर्भ में कुछ प्रासंगिक प्रश्नों पर वैश्विक समुदाय से आत्मनिरीक्षण करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि वैश्विक व्यवस्थाओं को स्वयं के अनुकूल बनाना चाहिए, ताकि अंतर्निहित कारणों और इससे जुड़े लक्षणों का समाधान किया जा सके। प्रधानमंत्री ने मानवता के लिए अपने विचारों और कार्रवाई कोआज की समस्याओं और कल की चुनौतियों का समाधान करने वाली व्यवस्थाओं पर केंद्रित करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने भारत की महामारी को लेकर की गई प्रतिक्रिया के प्रयासों के बारे में भी विस्तार जानकारी देते हुए बताया कि भारत ने इस संदर्भ में देश के भीतर और अन्य देशों दोनों की किस प्रकार से सहायता की है। उन्होंने महामारी और से उत्पन्न विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करने का आह्वान किया और दोहराया कि भारत वैश्विक लाभ के लिए अपनी शक्ति को साझा करता रहेगा।