संसदीय समिति की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य के कोआला जीव 2050 तक विलुप्त होने के कगार पर हैं। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में लगातार प्राकृतिक आपदाओं के कारण, उन जीवों के रहने वाले स्थान को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसा माना जा रहा है की प्राकृतिक वास के नुकसान की वजह से कोआला प्रजाति को सबसे ज्यादा भुगतना पड़ा है। जिन जगहों पर कोआला का वास है उनमे से ८१ % वनों की कटाई और झाड़ियों में आग की भेट चढ़ गए है।

समिति के अध्यक्ष केट फेहरमन रिपोर्ट के लिए आगे लिखते हैं। कि एनएसडब्ल्यू कोआला में निहित 36,000 कोआला जानवरों की आधिकारिक सरकार का अनुमान पुराना और अविश्वसनीय है,”। न्यू साउथ वेल्स के उच्च सदन लिबरल के सांसद शायने मल्लार्ड का कहना है कि कोआला जीवों का रहने वाला स्थान का खत्म होना ही उनके विलुप्त होने का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। वर्ष 2019-2020 में वहां पर मौजूद कई वृक्ष और झाड़ियों के सर्वे से पहले ही यह स्पष्ट था कि एनएसडब्ल्यू में कोआला, जो पहले से ही एक दुर्लभ प्रजाति थी अब खत्म होने के कगार पर है।

इस रिपोर्ट जारी होने के बाद इसमें 42 सिफारिशें कीं गई। जिसमें यह बात कहा गया कि वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-ऑस्ट्रेलिया ने न्यू साउथ वेल्स राज्य में भूमि संसोधन कानूनों और वनों की कटाई को संशोधित करने के लिए सरकार से तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रमुख स्टुअर्ट ब्लांच ने जारी बयान में कहा, “एनएसडब्ल्यू सरकार निजी भूमि पर बुलडोजर चलाने या तटीय राज्य के जंगलों में कटा हुआ कोई पेड़ को रोकने में विफल रही है।”समिति के अध्यक्ष केट फेहरमन ने आगे कहा, “इस जांच के दौरान यह बात स्पष्ट हो गया कि तत्काल सरकारी हस्तक्षेप के बिना, कोआला 2050 से पहले न्यू साउथ वेल्स में विलुप्त हो जाएगा।” रिपोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि जलवायु परिवर्तन की स्थिति को और ज्यादा खराब कर देगा।

कोआला जीवों प्रजातियों के बारे में जानकारी
कोआला (Koala) ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला एक वृक्षों पर रहने वाला, शाकाहारी धानीप्राणी (मारसूपियल) है। यह ‘फ़ैसकोलार्कटिडाए’ (Phascolarctidae) जीववैज्ञानिक कुल का इकलौता सदस्य है जो अभी तक विलुप्त नहीं हुआ है। धानीप्राणी या मारसूपियल (Marsupial) स्तनधारी जानवरों की एक वर्ग है जो अपने शिशुओं को अपने पेट के पास बनी हुई एक धानी (थैली) में रखकर चलते हैं।