संयुक्त राष्ट्र। तालिबान ने मानवीय सहायता कर्मचारियों की सुरक्षा का वादा किया है और अफगानिस्तान के लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को सहयोग का आश्वासन दिया है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने दी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने रविवार को काबुल में तालिबान के सह-संस्थापक और राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और संगठन के अन्य नेताओं से मुलाकात की।

उन्होंने रविवार को एक बयान में कहा, ‘‘महासचिव, के अनुरोध पर मानवीय सहायता मामलों के अवर महासचिव और संयुक्त राष्ट्र के लिए आपातकालीन राहत समन्वयक मार्टिन ग्रिफिथ्स ने काबुल में मुल्ला बरादर और तालिबान के नेतृत्व के साथ मानवीय मुद्दों पर संवाद किया।’’

बैठक में, ग्रिफिथ्स ने ‘‘निष्पक्ष और स्वतंत्र मानवीय सहायता और ज़रूरतमंद लोगों को सुरक्षा देने की मानवीय समुदाय की प्रतिबद्धता दोहराई।’’ उन्होंने सहायता प्रदान करने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और सभी पक्षों से उनके अधिकारों, सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करने का आह्वान किया और सभी नागरिकों – विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों और अल्पसंख्यकों – को हर समय संरक्षित करने का आह्वान किया और अफगानिस्तान के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की।

बयान में कहा गया है, ‘‘अधिकारियों ने संकल्प लिया की कि मानवीय सहायता कर्मचारियों की सुरक्षा और ज़रूरतमंद लोगों तक मानवीय पहुंच की गारंटी दी जाएगी और मानवीय कार्यकर्ताओं – दोनों पुरुषों और महिलाओं – को आवाजाही की स्वतंत्रता की गारंटी दी जाएगी। प्राधिकारी अफगानिस्तान के लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए मानवीय समुदाय के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

दुजारिक ने कहा कि आने वाले दिनों में और बैठकें होने की उम्मीद है और कहा कि ग्रिफिथ्स भी मानवीय संगठनों के प्रतिनिधियों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और गैर सरकारी संगठनों दोनों से मिलेंगे और संयुक्त राष्ट्र की ओर से अपना धन्यवाद व्यक्त करेंगे जिन्होंने इस वर्ष 80 लाख लोगों को सहायता मुहैया करायी है।

तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने ट्वीट किया कि बरादर और उनके प्रतिनिधिमंडल ने काबुल में विदेश मंत्रालय में ग्रिफिथ्स से मुलाकात की।

संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने अफगान लोगों को मानवीय सहायता जारी रखने का वादा करते हुए कहा कि वह दाता देशों की आगामी बैठक के दौरान अफगानिस्तान को और सहायता देने का आह्वान करेंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र के दल को धन्यवाद दिया, उन्हें सहयोग और आवश्यक सुविधाओं के प्रावधान का आश्वासन दिया।

संयुक्त राष्ट्र के बयान में कहा गया है कि ऐसे में जब अफगानिस्तान एक मानवीय संकट का सामना कर रहा है, महासचिव ने देश में बढ़ती मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए एक उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाई है।

उसने कहा, ‘‘वित्तपोषण में एक तत्काल बढ़ोतरी की आवश्यकता है ताकि जीवन रक्षक मानवीय अभियान जारी रह सके। संयुक्त राष्ट्र अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है।’’

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि अफगानिस्तान में आधी आबादी 1.8 करोड़ लोगों को – जीवित रहने के लिए मानवीय सहायता की आवश्यकता है, एक तिहाई को यह नहीं पता कि उनका अगला भोजन कहां से आ रहा है, पांच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों में से आधे से अधिक कुपोषण, गंभीर सूखे के जोखिम में हैं।’’

बयान में कहा गया, ‘‘अफगानिस्तान के लोगों को अब पहले से कहीं ज्यादा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समर्थन और एकजुटता की जरूरत है।’’