वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के एक फोरम ने रविवार को सरकार से अपील की कि वे कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन या कोई भी उस तरह का नियम लागू न करें जिससे गरीबों को नुकसान पहंचे या उनके जीवन को खतरा पैदा हो।

फोरम ने प्रशासन से अपील की है कि वे अस्पतालों की संख्या, बिस्तरों और मानव संसाधन को बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य मानकों तक पहुंचाएं।

प्रोग्रेसिव मेडिकोज एंड साइंटिस्ट फोरम के अध्यक्ष डॉक्टर हरजीत सिंह भट्टी ने कहा, ‘‘ कुछ नेता बड़े धार्मिक समागमों और राजनीतिक रैलियों में शामिल हो रहे हैं और साथ ही दूसरों को लॉकडाउन की चेतावनी भी दे रहे हैं, जो कि तर्क से परे है और लोगों को संशय में डालने के साथ ही उद्देश्य के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है।’’

फोरम ने कहा कि कोरोना वायरस से संबंधित सभी चिकित्सकीय देखभाल और टीकाकरण ‘पूरी तरह से वैज्ञानिक सिद्धांतों’ के अनुरूप होना चाहिए और देश के सभी नागरिकों चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति जो भी हो, उन्हें मुफ्त में टीका लगाया जाना चाहिए।