बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देश में सुनामी की तरह आई और इसका मुख्य कारण देश में हुए विधानसभा चुनाव और धार्मिक त्योहारों का आयोजन रहा।

शॉ ने वन शेयर वर्ल्ड द्वारा आयोजित वैश्विक वैक्सीन इक्विटी पर चर्चा के दौरान कहा, ‘‘कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देश में सुनामी की तरह आई। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि दूसरी लहर ने देश के किसी भी क्षेत्र को अछूता नहीं छोड़ा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस बार शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी संक्रमण फ़ैल गया क्योंकि देश कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और धार्मिक त्योहारों का आयोजन हुआ। जिसके कारण यह भयावह स्थिति बनी।’’

शॉ ने कहा, ‘‘कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से अस्पतालों के बुनियादी ढांचों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ गया। जिस गति से संक्रमण के मामले को बढ़ते हुए हम देख रहे हैं, उससे इस स्थ्ति को नियंत्रित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त मानव संसाधन नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे अहम, हमारे पास कोरोना वैक्सीन इतनी अधिक संख्या में उपलब्ध नहीं है जिससे लोगों को जल्द से जल्द टीका लगाया जा सके। भारत की विशाल जनसंख्या इस स्थिति को अधिक चुनौतीपूर्ण बनाती है। अगर भारत सुरक्षित नहीं है तो दुनिया भी सुरक्षित नहीं रह सकेगी।’’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 4,12,262 नए मामले दर्ज किए गए तथा 3,980 लोगों ने इस महामारी से जान गंवाई। संक्रमण के कुल मामले देश में 2,10,77,410 हो गए और मृतकों की संख्या 2,30,168 पर पहुंच गई।

शॉ ने कहा इस बार यह संक्रमण शहरी भारत के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी फैल गया है। इसकी वजह रही है कि कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हुये और कई जगह धार्मिक आयोजन भी किये गये जिसकी वजह से यह संक्रमण तेजी से फैला है।

भारत में हाल में पश्चिम बंगाल, तमिल नाडू, केरल, असम और पुड्डुचेरी में विधानसभा चुनाव हुये हैं। इस दौरान हरिद्धार में कुंभ मेले का भी आयोजन हुआ। इसका परिणाम यह हुआ कि संक्रमण तेजी से फैला और अस्पतालों पर जबर्दस्त दबाव बढ़ गया।