संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव के पक्ष में सर्वसम्मति से फैसला करते हुए अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) का कार्यकाल छह माह के लिए बढ़ा दिया। इस प्रस्ताव में अफगानिस्तान में समावेशी एवं प्रतिनिधिक सरकार के गठन महत्व पर बल दिया गया है।

पंद्रह सदस्यों वाली परिषद ने मसौदा प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाला जिससे यूएनएएमए का कार्यकाल 17 मार्च, 2022 तक के लिए बढ़ गया है।

प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र की इस भूमिका पर बल दिया गया है कि वह अफगानिस्तान में शांति एवं स्थायित्व को बढ़ावा देता रहेगा। इसमें अफगानिस्तान को मानवीय सहायता पहुंचाने में प्रयासों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र की मानवीय एजेंसियों एवं अन्य एजेंसियों को सभी पक्ष सहयोग करेंगे।

इसमें अफगानिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने की अहमियत दोहरायी गयी है और इस संबंध में सुरक्षा परिषद के विभिन्न प्रस्तावों का हवाला दिया गया। प्रस्ताव यह सुनिश्चित करने का भी आह्वान करता है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य देश को धमकी देने या उस पर हमला के लिए, आतंकी गतिविधि की साजिश रचने या उसके वास्ते धन का प्रबंधन करने, आतंकवादियों को प्रश्रय देने या उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

प्रस्ताव के अनुसार किसी अफगान संगठन या शख्स को किसी अन्य देश की जमीन पर अपनी गतिविधियां चला रहे आतंकवादियों का समर्थन नहीं करना चाहिए।