आज के समय में ऐसा कौन होगा जो शांति न चाहता हो। चाहे वो शांति देश में हो या समाज में या किसी मनुष्य के मन के भीतर की शांति की बात हो। हर कोई अमन चाहता है आज के भागते -दौड़ते भरी ज़िन्दगी में चैन की सांस लेना चाहता है। हर व्यक्ति चाहता है की जिस समाज में वो रहता है उसमें शान्ति हो प्रेम हो सबके बीच भाई -चारा हो सभी एक दुसरे के साथ प्रेम पूर्वक रहें एक दुसरे के काम आएं। धर्म ,जाति इन सबसे ऊपर है इंसानियत और मानवता इसी को बनाये रखने के लिए आज के दिन संकल्प लेना चाहिए की सर्वोपरि मानवता को हम बनाएं रखेंगे। इसी दिन को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के रूप में हर वर्ष मनाने का संकल्प किया ताकि आज के दिन के महत्व को हम समझ सकें और आज के जीवन में जो निराशा, स्वार्थ, घृणा और हिंसा के बादल जो हम पर मंडरा रहे हों वो बादल छट जाएं और हम सभी सुख -शांति से आपस में रहें। तो आइये जानते है कैसे शुरुआत हुई इस दिन की –

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस, जिसे विश्व शांति दिवस के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 21 सितंबर को मनाया जाता है। 24 घंटे अहिंसा और संघर्ष विराम का पालन करके, शांति के आदर्शों को मजबूत करने के लिए यह दिन दुनिया भर में मनाया जाता है।

यह दिन शांतिपूर्ण और धारणीय दुनिया के निर्माण के लिए वैश्विक एकजुटता को बढ़ावा देता है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने फरवरी 2021 में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें सदस्य देशों से स्थानीय संघर्षों के लिए “निरंतर मानवीय ठहराव” का समर्थन करने का आह्वान किया गया। संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वैश्विक युद्धविराम का सम्मान करना जारी रखना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संघर्ष में फंसे लोगों को जीवन रक्षक टीकाकरण और उपचार तक पहुंच प्राप्त हो।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस 2021: थीम
इस वर्ष, अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस का विषय “एक समान और धारणीय दुनिया के लिए बेहतर तरीके से पुनर्प्राप्त करना” है। यह इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि कैसे सभी को बेहतर तरीके से ठीक होने में मदद की जाए, लचीलापन कैसे बनाया जाए, और हमारी दुनिया को एक ऐसी जगह में कैसे बदला जाए जो अधिक समान, अधिक न्यायसंगत, न्यायसंगत, समावेशी, टिकाऊ और स्वस्थ हो।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस: इतिहास
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने 1981 में, सितंबर के तीसरे मंगलवार, महासभा के नियमित सत्रों के उद्घाटन के दिन को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के रूप में स्थापित किया।

बाद में, वर्ष 2001 में, महासभा ने 21 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के रूप में घोषित किया।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस: महत्व
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस को अहिंसा और संघर्ष विराम की अवधि के रूप में मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में शांति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक हरित और धारणीय वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देता है जो रोजगार पैदा करती है, उत्सर्जन को कम करती है और जलवायु प्रभावों के प्रति लचीलापन बनाती है।