न्यूयॉर्क। भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान ने फिर दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या में विस्तार के जरिए उसमें सुधार करना ‘‘अति आवश्यक’’ है ताकि यह वैश्विक निकाय अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में ‘‘जटिल और बदलती चुनौतियों’’ से बेहतर तरीके से निपट सकें।

विदेश मंत्री एस जयशंकर, ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस अल्बर्टो फ्रांको फ्रैंका, जर्मनी के संघीय विदेश मंत्री हीको मास और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्शू ने बुधवार को यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के दौरान मुलाकात की।

जी4 मंत्री स्तरीय संयुक्त प्रेस बयान में कहा गया है कि इन देशों ने सुरक्षा परिषद को अधिक तर्कसंगत, प्रभावी और सभी का प्रतिनिधित्व करने वाला बनाने के लिए उसमें सुधार की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है।

बयान में कहा गया है, ‘‘जी4 मंत्रियों ने पुन: दोहराया कि सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों की दोनों श्रेणियों में विस्तार के लिए उसमें सुधार अति आवश्यक है ताकि सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए जटिल और बदलती चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट सकें और अपने कर्तव्यों का प्रभावी तरीके से निर्वहन कर सकें।’’

जी4 मंत्रियों ने सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों के तौर पर शामिल होने के लिए एक-दूसरे की उम्मीदवारी का समर्थन किया।

इस साल जनवरी में भारत दो साल के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य के तौर पर सुरक्षा परिषद में शामिल हुआ है और उसका कार्यकाल दिसंबर 2022 में समाप्त हो जाएगा। भारत ने अगस्त में सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता भी की।

जी4 देश पारंपरिक रूप से संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय वार्षिक सत्र के इतर मुलाकात करते हैं। इस बैठक के बाद जयशंकर ने जी4 विदेश मंत्रियों की एक तस्वीर ट्वीट की और कहा, ‘‘ भारत ने बहुपक्षवाद में सुधार की आवश्यकता पर स्पष्ट संदेश भेजा है। तय समय सीमा में ठोस नतीजों का आह्वान किया है।’’