दुनियाभर में हर साल आज का दिन ‘अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट आंदोलन के सिद्धांतों को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन लोग इस मानवतावादी संगंठन और उसकी ओर से मानवता की सहायता के लिए अभूतपूर्व योगदान के लिए श्रद्धांजलि देने के लिए याद करते हैं।

आपको बता दें कि हेनरी ड्यूनेंट के जन्मदिन पर यह दिन मनाया जाता है। हेनरी ड्यूमेंट के प्रयासों से 1864 में जेनेवा समझौते के जरिए अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस मूवमेंट की स्थापना हुई थी। हेनरी ड्यूमेंट को पहला नोबेल शांति पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।

रेड क्रॉस के बारे में

रेड क्रॉस एक स्वयंसेवी संस्था है और देश के किसी भी भाग में प्राकृतिक या मानवीय आपदा के शिकार लोगों को बचाने और राहत पहुंचाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस तरह की संस्थाओं में जो स्वयंसेवक होते हैं, उनसे लोगों को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

वर्तमान समय और परिस्थितियों में रेड क्रॉस की भूमिका केवल युद्ध के दौरान बीमार और घायल सैनिकों, युद्ध करने वालों और युद्धबंदियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और उचित उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं रह गया है। अब उसके दायित्व का दायरा और अधिक बढ़ गया है।

पिछले कुछ सालों के दौरान आई प्राकृतिक आपदाएं, भयंकर बाढ़ और सुनामी लहरों के तांडव तथा कैटरीना तूफान के दौरान और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस ने जो भूमिका निभाई उससे उसका महत्व और अधिक बढ़ गया है।

भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी एक स्वयंसेवी राहत संस्था है है जो पूरे देश में 700 से अधिक शाखाओं का नेटवर्क है, आपदा और आपातकाल के समय राहत प्रदान करता है और कमजोर लोगों और समुदायों के स्वास्थ्य और देखभाल को बढ़ावा देता है। देश के विभिन्न भागों में यह संस्था बहुत ही सफलता के साथ कार्य कर रही है। इसमें शामिल होने वाले कर्मठ स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ती जा रही है।