दुनियाभर में आज 20 फरवरी को विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन का उद्देश्य है, समाज में रह रहे हर व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के समान रूप ने इंसाफ मिल सके और सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिल सके। समाजिक न्याय से मतलब यहां सिर्फ इंसाफ से नहीं है बल्कि समाजिक न्याय समाज में रह रहे लोगों को समान अवसरों, समान रूप से धन का वितरण, स्वास्थ्य सुविधा और समाज के भीतर विशेषाधिकारों से जुड़ा है।

सामाजिक न्याय में मानवाधिकारों और उन लोगों की देखभाल भी शामिल है जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से नस्ल, धर्म, लिंग और आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव का सामना किया है।

विश्व सामाजिक न्याय दिवस की स्थापना 26 नवंबर 2007 संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। 26 नवंबर 2007 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ये घोषणा की थी कि महासभा के 63वें सत्र से 20 फरवरी का दिन ‘वर्ल्ड सोशल जस्टिस डे’ के तौर पर मनाया जाएगा। ‘वर्ल्ड सोशल जस्टिस डे’ पहली बार साल 2009 में पूरी दुनिया में एक साथ मनाया गया।सामाजिक न्याय दिवस का इस साल का थीम है, A Call for Social Justice in the Digital Economy यानी “डिजिटल अर्थव्यवस्था में सामाजिक न्याय के लिए एक बुलावा”।