साफ पानी सभी का हक़ है। देश में साफ पानी या कहें पिने योग्य पानी की सुविधा (फ़िल्टर,आरओ इत्यादि) बहुत कम घरों में ही उपलब्ध है। देश की आधी से ज्यादा जनसंख्या दूषित पानी पिने को मजबूर है। साफी पानी के इस पहल को सबसे पहले ओडिशा सरकार ने अपनाया।

ओडिशा सरकार ने सोमवार को पुरी को देश का पहला ऐसा शहर घोषित किया, जहां पूरे शहर में पीने के नल का पानी सुरक्षित है, जिसका इस्तेमाल सीधे पीने और खाना पकाने के लिए बिना किसी फिल्टर या उबाले के किया जा सकता है। यानि अब सीधे नल खोलो पानी पियो की सुविधा हमारे देश में ओडिशा ने शुरू की है जो एक सराहनीय कदम है।

अब ओडिशा शहर में चौबीसों घंटे स्वच्छ पानी लोगों को मिल सकेगा। इससे ओडिशा के पुरी जिले की 2.50 लाख आबादी को फायदा पहुंचेगा। राज्य के सीएम नवीन पटनायक ने सोमवार को ‘ड्रिंक फ्रॉम टैप’ (सुजल) सुविधा का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया, जिसके बाद पुरी दुनिया के उन शहरों में शामिल हो गया जहां हर घर में 24 घंटे शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री पटनायक ने ‘सुजल मिशन’ के उद्घाटन पर कहा, “सभी घरों में 24 घंटे नल से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाना एक बदलाव की परियोजना है और पुरी को एक विश्व स्तरीय धरोहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

इस सुजल मिशन की शुरुआत 15 शहरी इलाकों में 15 लाख से ज्यादा आबादी को साफ पानी पहुंचाने के लिए की गई थी। इसके तहत शिकायत के निपटारे के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन सेंटर, मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब और पानी सप्लाई की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के लिए टीम भी शामिल हैं।

सुजल योजना के लाभों पर प्रकाश डालते हुए, पटनायक ने कहा, “यह ‘5T’ पहल का सबसे अच्छा मॉडल है। अच्छे पेयजल का स्वास्थ्य, जीवन स्तर और अर्थव्यवस्था से गहरा संबंध है। इसलिए, मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे पानी को बर्बाद या प्रदूषित न करें। पांच साल में पेयजल का बजट दोगुना कर दिया गया है। 200 करोड़ रुपये का पिछला जल बजट आज 4,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

ओडिशा सरकार ने मार्च 2022 तक ओडिशा के सभी शहरी इलाकों में इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अगर यह लक्ष्य पूरा होता है तो ऐसा करने वाला ओडिशा देश का पहला राज्य होगा। सभी घरों में नल से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने की यह योजना अमेरिका, इंग्लैंड, जापान और सिंगापुर जैसी देशों की तरह है।

प्लास्टिक के कचड़े पर भी रोक
सरकार ने शहर के विभिन्न स्थानों पर 400 पेयजल फव्वारे लगाए हैं। सुरक्षित पेयजल के इस प्रावधान से 400 मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरे को खत्म करने वाली प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।

इस योजना के लाभ पूरी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ, शहर में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए भी घर की तरह पीने के पानी की सुविधा मिलेगी।