नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि छह राज्यों में करीब 10 करोड़ लोगों की प्रक्रिया से गुजरने के बावजूद केवल 1,600 विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए। रमेश ने आरोप लगाया कि SIR का उद्देश्य बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित करना है।
अमित शाह के दावे पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमित शाह ने SIR के तीन उद्देश्य बताए थे—घुसपैठियों की पहचान करना, उनके नाम हटाना और उन्हें देश से बाहर भेजना। उन्होंने सवाल किया कि यदि यह प्रक्रिया इसी उद्देश्य से की गई, तो इसके परिणाम क्या रहे?
रमेश के अनुसार, कर्नाटक, झारखंड, मेघालय, केरल, गोवा और मिजोरम में कुल 1,600 विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके नाम हटाए गए। उन्होंने दावा किया कि अन्य 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने ऐसी जानकारी एकत्र करने के लिए नहीं कहा था।
उन्होंने इन आंकड़ों के आधार पर अमित शाह पर गलतबयानी का आरोप लगाया।
कर्नाटक में 99.7 लाख नाम हटने का दावा
कांग्रेस नेता ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए दावा किया कि राज्य की मतदाता सूची से 99.7 लाख नाम हटाए गए, जबकि 716 विदेशी नागरिकों की पहचान हुई। उनके अनुसार, इनमें 545 नेपाली नागरिक थे।
रमेश ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए बड़ी संख्या में भारतीय मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर इस प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
हालांकि, विदेशी नागरिकों की पहचान और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आंकड़ों को लेकर जयराम रमेश के दावे कांग्रेस नेता के आरोप हैं।
ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रोकने की मांग
जयराम रमेश ने विपक्ष की मांग दोहराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, SIR प्रक्रिया स्थगित करने और ECINET व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान की भावना के उल्लंघन और चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।
SIR को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन लगातार विरोध कर रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और नाम हटाए जाने के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
30 अक्टूबर को विपक्ष का कार्यक्रम, 1 नवंबर को रैली
जयराम रमेश के अनुसार, INDIA गठबंधन के नेता 30 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे नई दिल्ली स्थित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग जैसी सार्वजनिक पहल करेंगे।
इसके अलावा, कांग्रेस ने SIR के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जनसभा और ‘दिल्ली चलो’ मार्च की योजना बनाई है। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से रैली के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया है। हालांकि, इसके लिए संबंधित भूमि प्राधिकरण की अनुमति और निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है।
