आसाराम बापू बलात्कार के मामले में सजा काट रहे हैं। राम रहीम इंसान हत्या और दुष्कर्म के दोषी पाये गए हैं और जेल में हैं, इन दिनों को पेरोल मिलने की खबरें हमें…
(यह लेख करीब 25 साल पहले लिखा गया था। लेख का संपादित अंश पहले ‘जनसत्ता’ और उसके बाद पूरा लेख ‘सामयिक वार्ता’ और ‘वसुधा’ पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ। ‘स्त्री: मुक्ति का सपना’, अतिथि…
डॉ. राममनोहर लोहिया (23 मार्च 1910 – 12 अक्टूबर 1967) जाति और लिंग के दो कटघरों को भारतीयों की आत्मा के पतन और साहसिकता तथा आनंद की समस्त क्षमता खत्म हो जाने का मुख्य कारण मानते हैं। भारत…
स्वतंत्रता के बाद भारत ने धर्मनिरपेक्षता व लोकतंत्र की राह चुनी। लेकिन देश में कुछ ऐसी शक्तियां थीं जो इन मूल्यों के खिलाफ थीं और वे बार-बार यह दुहराती रहीं कि भारत केवल…
पहली नजर में बात चाय के प्याले में तूफान जैसी थी। लेकिन जरा गहराई से देखें तो एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका के भ्रष्टाचार के जिक्र पर उठा बवाल हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की…
ईरान पर इजराइल और संयुक्त राज्य अमरीका का हमला अत्यंत विनाशकारी साबित हुआ है। अधिकांश युद्धों की तरह, यह युद्ध भी अत्यंत बर्बर है। जंग शुरू करने का बहाना यह बनाया गया कि…
‘आप सुनिए मेरी बात। नैतिकता, आदर्श, सिद्धांत ये सब अपने घर-समाज के नियम हैं। विदेश नीति इनसे नहीं चलती है। वहां हर कोई अपना राष्ट्रीय हित साधने आता है। हमें भी यही करना…
अब तक हम भारत गणराज्य के स्वधर्म के 3 सूत्रों की व्याख्या कर चुके हैं। अंतिम कड़ी में यहां हम चौथे सूत्र यानी संघवाद की चर्चा करेंगे, जिसे फैडरलिज्म कहा जाता है। संविधान के पहले अनुच्छेद…
हमारे संविधान के मुताबिक देश के हर नागरिक को यह चुनने का सामाजिक एवं वैधानिक अधिकार है कि वह किस धर्म का पालन करे-या फिर किसी भी धर्म को न माने। इसके बावजूद…
गणराज्य के स्वधर्म की शिनाख्त करती हुई इस श्रृंखला में हम आज हम तीसरे सूत्र यानी लोकतंत्र की चर्चा करेंगे। सेकुलरवाद और समाजवाद की तरह लोकतंत्र के बारे में भी यही मान्यता है…
टीपू सुल्तान का नाम समाचारपत्रों (विशषकर कर्नाटक के) में आता रहता है। ऐसा उनकी जयंती के राज्य-प्रायोजित आयोजनों के आसपास कुछ ज्यादा ही होता है। वहां भाजपा हमेशा इन आयोजनों में बाधा डालती…