भगवान राम और अन्य देवताओं की खानपान की आदतों पर केन्द्रित ध्रुव राठी का एक वीडियो हाल में विवाद का मुद्दा बना। ध्रुव राठी के वीडियो गहन शोध और अध्ययन पर आधारित होते…
चलिए, ट्रांसजेंडर कानून में हुए संशोधन की बात “कामसूत्र” से शुरू करते हैं। संस्कृत साहित्य के इस कालजयी ग्रंथ (अधिकरण 2, अध्याय 9) में स्त्री और पुरुष के अलावा एक “तृतीया प्रकृति” का…
आसाराम बापू बलात्कार के मामले में सजा काट रहे हैं। राम रहीम इंसान हत्या और दुष्कर्म के दोषी पाये गए हैं और जेल में हैं, इन दिनों को पेरोल मिलने की खबरें हमें…
(यह लेख करीब 25 साल पहले लिखा गया था। लेख का संपादित अंश पहले ‘जनसत्ता’ और उसके बाद पूरा लेख ‘सामयिक वार्ता’ और ‘वसुधा’ पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ। ‘स्त्री: मुक्ति का सपना’, अतिथि…
डॉ. राममनोहर लोहिया (23 मार्च 1910 – 12 अक्टूबर 1967) जाति और लिंग के दो कटघरों को भारतीयों की आत्मा के पतन और साहसिकता तथा आनंद की समस्त क्षमता खत्म हो जाने का मुख्य कारण मानते हैं। भारत…
स्वतंत्रता के बाद भारत ने धर्मनिरपेक्षता व लोकतंत्र की राह चुनी। लेकिन देश में कुछ ऐसी शक्तियां थीं जो इन मूल्यों के खिलाफ थीं और वे बार-बार यह दुहराती रहीं कि भारत केवल…
पहली नजर में बात चाय के प्याले में तूफान जैसी थी। लेकिन जरा गहराई से देखें तो एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका के भ्रष्टाचार के जिक्र पर उठा बवाल हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की…
ईरान पर इजराइल और संयुक्त राज्य अमरीका का हमला अत्यंत विनाशकारी साबित हुआ है। अधिकांश युद्धों की तरह, यह युद्ध भी अत्यंत बर्बर है। जंग शुरू करने का बहाना यह बनाया गया कि…
‘आप सुनिए मेरी बात। नैतिकता, आदर्श, सिद्धांत ये सब अपने घर-समाज के नियम हैं। विदेश नीति इनसे नहीं चलती है। वहां हर कोई अपना राष्ट्रीय हित साधने आता है। हमें भी यही करना…
अब तक हम भारत गणराज्य के स्वधर्म के 3 सूत्रों की व्याख्या कर चुके हैं। अंतिम कड़ी में यहां हम चौथे सूत्र यानी संघवाद की चर्चा करेंगे, जिसे फैडरलिज्म कहा जाता है। संविधान के पहले अनुच्छेद…
हमारे संविधान के मुताबिक देश के हर नागरिक को यह चुनने का सामाजिक एवं वैधानिक अधिकार है कि वह किस धर्म का पालन करे-या फिर किसी भी धर्म को न माने। इसके बावजूद…
गणराज्य के स्वधर्म की शिनाख्त करती हुई इस श्रृंखला में हम आज हम तीसरे सूत्र यानी लोकतंत्र की चर्चा करेंगे। सेकुलरवाद और समाजवाद की तरह लोकतंत्र के बारे में भी यही मान्यता है…
टीपू सुल्तान का नाम समाचारपत्रों (विशषकर कर्नाटक के) में आता रहता है। ऐसा उनकी जयंती के राज्य-प्रायोजित आयोजनों के आसपास कुछ ज्यादा ही होता है। वहां भाजपा हमेशा इन आयोजनों में बाधा डालती…
(यह लेख 18-20 मार्च 2010 को साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित ‘साहित्योत्सव’ (वार्षिक राष्ट्रीय संगोष्ठी) मैं पढ़ा गया था। डॉ राममनोहर लोहिया जन्मशतवार्षिकी के अवसर पर साहित्य अकादमी ने वह संगोष्ठी आयोजित की थी।…
भारत गणराज्य के स्वधर्म की इस शृंखला के पहले लेख में हमने सर्वधर्मसमभाव यानी सेकुलरवाद की चर्चा की थी। अब हम स्वधर्म के दूसरे सूत्र यानी समता या समाजवाद की चर्चा करेंगे। समता…
भारत विविधताओं का देश है। यहां चकित कर देने वाली धार्मिक विविधताएं हैं। अंग्रेजों ने भारत की हिन्दू और मुस्लिम पहचानों का इस्तेमाल कर ‘फूट डालो और राज करो‘ की अपनी नीति के…
इन पंक्तियों का लेखक पिछले कुछ समय से बार-बार यह आगाह करता रहा है कि चाहे मोदी सरकार कुछ भी कहे, ट्रम्प इसमें कामयाब होंगे कि वह भारत सरकार को ट्रेड डील पर मजबूर…
इस साल शहीद दिवस (30 जनवरी 2026) पर महात्मा गाँधी को याद करते हुए हमें यह अहसास भी है कि गांधीजी के मूल्यों और उनकी विरासत को कमजोर करने के लिए सतत प्रयास…
भारतीय संस्कृति क्या है? क्या वह विशुद्ध हिन्दू संस्कृति है या फिर कई संस्कृतियों का मिश्रण है? इन दिनों इस तरह के कई सवाल उठ रहे हैं। हिन्दुत्व और हिन्दू राष्ट्र के पैरोकार…
राममंदिर आन्दोलन या दूसरे शब्दों में बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने से भाजपा और उसकी पितृ संस्था आरएसएस को चुनावों में जबरदस्त फायदा हुआ। अब काशी और मथुरा की बारी है। इस बीच…
केन्द्रीय चुनाव आयोग (‘केचुआ’) की एसआईआर के ज़रिये बिहार चुनाव में भाजपा पर कृपा बरस चुकी है। बिहार चुनाव में भाजपा ने चुनाव आयोग की कृपा और अपने फ़ासीवादी तन्त्र से असम्भव को…
भारतीय संविधान को आजादी के संघर्ष के मूल्यों के आधार पर गढ़ा गया है। संविधानसभा, जो मोटे तौर पर भारत की जनता का प्रतिनिधित्व करती थी, ने भारतीय संविधान का निर्माण किया जो हमारे राष्ट्रीय…
इंसान की अजीब फ़ितरत है। हम कभी भी किसी भी तरह की हकीकत के आदी हो सकते हैं। किसी भी त्रासदी और बर्बरता के साथ जीना सीख लेते हैं। उसे रोजमर्रा की आदत…
अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा हमारे देश में आम हो गई है। उसका स्वरूप और तीव्रता बदलती रहती है पर मुसलमानों को डराने-धमकाने का सिलसिला कभी थमता नहीं है। दूसरे सबसे बड़े…
17 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के एक प्रवासी मज़दूर राम नारायण बघेल की केरल में बांग्लादेशी होने के संदेह में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके एक सप्ताह बाद पश्चिम बंगाल के एक अन्य…