गणराज्य के स्वधर्म की शिनाख्त करती हुई इस श्रृंखला में हम आज हम तीसरे सूत्र यानी लोकतंत्र की चर्चा करेंगे। सेकुलरवाद और समाजवाद की तरह लोकतंत्र के बारे में भी यही मान्यता है…
टीपू सुल्तान का नाम समाचारपत्रों (विशषकर कर्नाटक के) में आता रहता है। ऐसा उनकी जयंती के राज्य-प्रायोजित आयोजनों के आसपास कुछ ज्यादा ही होता है। वहां भाजपा हमेशा इन आयोजनों में बाधा डालती…
(यह लेख 18-20 मार्च 2010 को साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित ‘साहित्योत्सव’ (वार्षिक राष्ट्रीय संगोष्ठी) मैं पढ़ा गया था। डॉ राममनोहर लोहिया जन्मशतवार्षिकी के अवसर पर साहित्य अकादमी ने वह संगोष्ठी आयोजित की थी।…
भारत गणराज्य के स्वधर्म की इस शृंखला के पहले लेख में हमने सर्वधर्मसमभाव यानी सेकुलरवाद की चर्चा की थी। अब हम स्वधर्म के दूसरे सूत्र यानी समता या समाजवाद की चर्चा करेंगे। समता…
भारत विविधताओं का देश है। यहां चकित कर देने वाली धार्मिक विविधताएं हैं। अंग्रेजों ने भारत की हिन्दू और मुस्लिम पहचानों का इस्तेमाल कर ‘फूट डालो और राज करो‘ की अपनी नीति के…
इन पंक्तियों का लेखक पिछले कुछ समय से बार-बार यह आगाह करता रहा है कि चाहे मोदी सरकार कुछ भी कहे, ट्रम्प इसमें कामयाब होंगे कि वह भारत सरकार को ट्रेड डील पर मजबूर…
इस साल शहीद दिवस (30 जनवरी 2026) पर महात्मा गाँधी को याद करते हुए हमें यह अहसास भी है कि गांधीजी के मूल्यों और उनकी विरासत को कमजोर करने के लिए सतत प्रयास…
भारतीय संस्कृति क्या है? क्या वह विशुद्ध हिन्दू संस्कृति है या फिर कई संस्कृतियों का मिश्रण है? इन दिनों इस तरह के कई सवाल उठ रहे हैं। हिन्दुत्व और हिन्दू राष्ट्र के पैरोकार…
राममंदिर आन्दोलन या दूसरे शब्दों में बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने से भाजपा और उसकी पितृ संस्था आरएसएस को चुनावों में जबरदस्त फायदा हुआ। अब काशी और मथुरा की बारी है। इस बीच…
केन्द्रीय चुनाव आयोग (‘केचुआ’) की एसआईआर के ज़रिये बिहार चुनाव में भाजपा पर कृपा बरस चुकी है। बिहार चुनाव में भाजपा ने चुनाव आयोग की कृपा और अपने फ़ासीवादी तन्त्र से असम्भव को…
भारतीय संविधान को आजादी के संघर्ष के मूल्यों के आधार पर गढ़ा गया है। संविधानसभा, जो मोटे तौर पर भारत की जनता का प्रतिनिधित्व करती थी, ने भारतीय संविधान का निर्माण किया जो हमारे राष्ट्रीय…
इंसान की अजीब फ़ितरत है। हम कभी भी किसी भी तरह की हकीकत के आदी हो सकते हैं। किसी भी त्रासदी और बर्बरता के साथ जीना सीख लेते हैं। उसे रोजमर्रा की आदत…
अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा हमारे देश में आम हो गई है। उसका स्वरूप और तीव्रता बदलती रहती है पर मुसलमानों को डराने-धमकाने का सिलसिला कभी थमता नहीं है। दूसरे सबसे बड़े…
17 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के एक प्रवासी मज़दूर राम नारायण बघेल की केरल में बांग्लादेशी होने के संदेह में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके एक सप्ताह बाद पश्चिम बंगाल के एक अन्य…
रामजन्मभूमि रथयात्रा के साथ ही भाजपा की ताकत में इजाफा होना शुरू हुआ। तभी से उसने अपनी छवि ‘पार्टी विथ ए डिफरेंस’ (एक अलग किस्म की पार्टी) की बनाना शुरू कर दी। धीरे-धीरे…
विपक्ष को ऐतराज़ है कि मनरेगा का नाम क्यों बदला जा रहा है। जिस ऐतिहासिक योजना को देश ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ के नाम से जानता रहा है, उसके नाम…
भाजपा पहचान से जुड़े मुद्दों के सहारे ही आगे बढ़ती रही है। वह ऐसे मुद्दों का इस्तेमाल समाज को ध्रुवीकृत करने के लिए करती है और चुनावों में इसका फायदा उठाती है। अब…
इस समय कुत्तों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे को अपने हाथों में लिया है। हमने और हमारे परिवार ने एक प्रतिज्ञा की थी कि…
सामंती समाज से आधुनिक उ़़द्योगों और समानता पर आधारित लोकतांत्रिक समाज बनने की भारत की यात्रा की शुरूआत औपनिवेशिक काल में ही हो गई थी। यह वह काल था जब आधुनिक उद्योगों के…
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में राम मंदिर – जिसका उद्घाटन कुछ साल पहले हुआ था – के शिखर पर झंडा फहराते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी…
कभी कभी एक छोटी से हरकत किसी व्यक्ति के चरित्र का पर्दाफाश कर देती है। ऐसा ही चुनाव आयोग के साथ हुआ। इसी 27 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस कर देश…
रामनाथ गोयनका व्याख्यानमाला के अंतर्गत हाल में अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि अगले 10 सालों में हम औपनिवेशिक मानसिकता से पूरी तरह मुक्त हो…
आरएसएस के शताब्दी वर्ष में इस संगठन के बारे में एक ऐसा तथ्य सामने आया है जिसकी जानकारी बहुत लोगों को नहीं थी। कई यूट्यूब चैनलों पर चर्चा है कि आरएसएस ने अमरीका…
बिहार चुनाव के परिणाम के बाद बहुत साथियों ने मुझसे यह सवाल पूछा – अब चुनाव लडऩे का मतलब ही क्या बचा है? अगर हर चुनाव में ले देकर भाजपा को ही जिताया…
“मैं एक मुसलमान हूं। मैं डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट (लोकतान्त्रिक समाजवादी) हूं। और सबसे बुरी बात यह है कि मैं इनमें से किसी के लिए भी शर्मिंदा नहीं हूं” (चुनाव जीतने के बाद जोहरान ममदानी…