प्रसिद्ध इतिहासविद् रामचंद्र गुहा के ‘स्क्राल’ में हालिया प्रकाशित लेख “गांधी फैमिली हेस हेल्पड मोदी टू कन्सालीडेट हिस पावर” में पिछले दस से ज्यादा सालों में मोदी-भाजपा की ताकत में बढ़ोत्तरी का अत्यंत…
उदन्त मार्तण्ड भारत का पहला हिंदी भाषा का समाचार पत्र था। इसकी शुरुआत 30 मई 1826 को कलकत्ता से पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा की गई थी। इस लिहाज से 30 मई को…
स्वतंत्रता के बाद भारत की विदेश नीति गुटनिरपेक्षता के सिद्धांत पर आधारित थी और वह शीत युद्ध के दोनों प्रमुख पात्रों – अमेरिका और सोवियत संघ – में से किसी के सामने नहीं…
हाल (मई 2026) में आए विधानसभा चुनावों के नतीजों की ब्रेसब्री से प्रतीक्षा की जा रही थी। असम में परिसीमन से हेमंत विस्व सरमा को एक बार फिर विधानसभा चुनाव जीतने में मदद…
देश, राष्ट्र और त्याग की अवधारणा एक राजनीतिक पाखंड है। त्याग का उपदेश समस्या का कोई हल नहीं है। यह समस्या से पलायन और एक शासक के अयोग्य होने का प्रमाण मात्र हो…
प्रोफेसर राजकुमार जैन पश्चिम बंगाल, असम, पुदुचेरी में भाजपा ने जीत के लिए क्या-क्या हथकंडे अपनाए हैं, हर कोई इससे वाकिफ है। परंतु सवाल यह है कि इसका मुकाबला कैसे किया जाए। जितने…
हाल में महाराष्ट्र का नासिक शहर दो बार अखबारों की सुर्खियों में रहा। पहली बार अशोक खरात के मामले को लेकर, जो एक ढ़ोंगी बाबा था और महिलाओं, खासकर समाज के उच्च वर्ग की महिलाओं, का…
स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा तथा समाजवादी चिंतक मधु लिमये का जन्म 1 मई 1922 को पूना (पुणे) में हुआ। पूना के फर्ग्युसन कॉलेज में पढ़ाई करते समय ही वे समाजवादी विचारों से प्रभावित…
लोकसभा की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने के लिए महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित किया गया था। लेकिन उसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस…
निश्चित रूप से डॉ. अम्बेडकर असमानता, दासता, अन्याय, जातीय और धार्मिक उत्पीड़न जैसी सामाजिक विसंगतियों के मुखर विरोधी रहे क्योंकि इन सामाजिक विसंगतियों से उपजी पीड़ाओं को उन्होंने ख़ुद भोगा था। इसीलिए उन्होंने…
14 अप्रैल (2026) को बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती मनाने के साथ-साथ हमें इस मुद्दे पर भी विचार करना चाहिए कि बाबासाहेब की प्रमुख शिक्षाओं में से एक – जाति के उन्मूलन- के संदर्भ…