उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से आम लोगों को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बीते कई दिनों से प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हो रही बारिश के चलते तमाम नदियों को जलस्तर बढ़ गई हैं। गंगा-यमुना नदियां खतरे के निशान के करीब पहुँच गई हैं। जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
यूपी में बीते 24 घंटों में पूर्वांचल के कई जिलों में मूसलाधार बारिश देखने को मिली है। मंगलवार को प्रतापगढ़ में 147 मिमी और सोनभद्र में 140 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं प्रयागराज 631.6 मिमी और बांदा 646 मिमी के साथ सवा सौ साल की रिकॉर्ड टूट गया। इससे पहले 1901 इतनी बारिश देखने को मिली थी। वहीं लखनऊ, वाराणसी में भी बारिश की वजह से लोगों का बुरा हाल है।
बारिश की वजह से प्रदेश की तमाम नदियां उफान पर चल रही हैं। पीलीभीत में शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। वहीं बनबसा बैराज से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की आशंका है। ऐसे में हालात और ख़राब हो सकते हैं। वाराणसी में वरुणा नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ हैं, जिसके चलके गंगा खतरे के निशान के क़रीब पहुँच गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह अब पानी तटवर्ती इलाकों में घुस गया है। तमाम घाट पानी से लबालब हो गए हैं।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश लोगों पर क़हर बनकर टूट रही है। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। पानी बढ़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
मौसम विभाग ने आज भी बांदा, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली समेत 30 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। ख़राब मौसम को देखते हुए पीलीभीत, प्रयागराज और सीतापुर में आज 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई है।
