नन के खिलाफ गोयल की टिप्पणी शर्मनाक, आरोपियों की बचाने की हो रही कोशिश : विजयन

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दक्षिण भारत Updated On :

कासरगोड। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के उस बयान को ‘शर्मनाक’ और ‘सरासर झूठा’ करार दिया जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में रेल यात्रा के दौरान केरल की रहने वाली दो नन और दो दीक्षार्थियों पर हमले की रिपोर्ट को गलत करार दे कर खारिज कर दिया था। कहा कि आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

विजयन की यह प्रतिक्रिया झांसी में दो नन और दो अन्य पर कथित रूप से बजरंग दल के सदस्यों के हमले की खबर को केंद्रीय मंत्री द्वारा खारिज किए जाने के बाद आई है। गोयल ने आरोप लगाया था कि केरल के मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर ‘गलतबयानी’ कर रहे हैं।

इसपर प्रतिक्रिया देते हुए विजयन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के मुताबिक नन पर हमला नहीं किया गया और टिकट जांच करने के बाद उन्हें जाने दिया गया एवं एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) का हमला राज्य सरकार का आरोप है।

उन्होंने कहा, नन पर एक ऐसे देश में हमला किया गया, जहा लोगो को कहीं भी यात्रा करने का अधिकार है। उन पर केवल इसलिए हमला किया गया क्योंकि वे नन थीं। विजयन ने कहा, यह घटना शर्मनाक थी। गोयल ने एबीवीपी द्वारा नन और दो अन्य के खिलाफ किए गए कृत्य को न्यायोचित करार दिया है।

कासरगोड में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विजयन ने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री नन पर हुए हमले को न्यायोचित ठहरा रहे हैं जो सबूत है कि केंद्र सरकार आएसएस का एजेंडा लागू कर रही है।’’ उन्होंने बीफ के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों पर हुए हमलों का भी संदर्भ दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा, बीफ के नाम पर मुस्लिमों पर हमलों के खिलाफ पूरे देश में कई प्रदर्शन हुए। क्या वे बदल गए हैं? नहीं, जब उन्होंने कुछ नन को देखा तो उन्होंने उनपर हमला कर दिया।

उन्होंने कहा कि गोयल ने हमले को न्यायोचित ठहराया है, यह दिखाता है कि अल्पसंख्यक जो देश में लोकतंत्र चाहते हैं, इस केंद्रीय शासन में सुरक्षित नहीं है जो आएसएस के एजेंडे को लागू कर रही है।



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