
बरेली। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की लाख सख्ती के बावजूद पुलिस की लापरवाही का रवैया बदस्तूर जारी है। जिले में एक गांव निवासी व्यक्ति की बेटी पिछले चार दिन से गायब थी। जब पिता ने थाने में जाकर रपट दर्ज करने को कहा तो पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया। इससे परेशान होकर पिता ने ख़ुदकुशी कर ली। आरोप है कि पुलिस की तानाशाही का आलम यहीं नहीं रूका, थाने के दारोगा ने सुसाइड नोट फाड़ दिया। इसके बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
आंवला के एक गांव में रहने वाली युवती आठ अप्रैल को लापता हुई तो पिता अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे थे। आरोप है कि रामनगर चौकी इंचार्ज ने अपमानित कर भगा दिया। तभी से वह तनाव में थे। सोमवार सुबह उन्होंने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। जेब में सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें चौकी इंचार्ज पर अभद्रता की बात लिखी थी। आरोप है कि सुबह नौ बजे मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज ने सुसाइड नोट फाड़ दिया।
इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने दारोगा को बंधक बना लिया। दारोगा को छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम का ग्रामीणों ने घेराव कर दिया। दारोगा और सिपाहियों को ग्रामीणों ने पीटना शुरू कर दिया। पथराव भी किया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हुए। पुलिसकर्मियों ने वहां से भागकर जान बचाई। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है।
गांव के एक किसान की बेटी चार दिन पहले अचानक गायब हो गई थी। गांव से एक युवक भी गायब था। बेटी भगाने के संदेह के साथ किसान ने आंवला थाने की चौकी रामनगर में तहरीर दी, लेकिन एफआइआर नहीं लिखी गई। आरोप है कि उन्हें अपमानित करके भगा दिया गया। सोमवार को उनका शव रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। गांव के लोगों ने शव को नीचे उतारा। कपड़ों की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें रामनगर के दारोगा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था।
पता चलने पर दारोग़ा मौके पर पहुंचा और सुसाइड नोट फाड़ दिया। इस पर ग्रामीणों ने उसे घेर कर बंधक बना लिया। दारोगा को छुड़ाने पहुंची पुलिस पर पथराव किया। जिसमें पुलिस कर्मी घायल हुए हैंं। इस पर सीओ के अलावा कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने पहुंचे, चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आंवला विधायक धर्मपाल सिंह मौके पर पहुंचे। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए लेकिन गांव में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल का कहना है कि ग्रामीण अब शांत हैं। पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।