तुर्कमान गेट हिंसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी उबैदुल्लाह की जमानत की रद्द

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दिल्ली Updated On :

तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस केस में आरोपी उबैदुल्लाह को मिली जमानत को रद्द कर दिया है। वहीं मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सेशन कोर्ट भेज दिया है। जस्टिस प्रतीक जलान ने कहा कि आमतौर पर अदालतें किसी की व्यक्तिगत आजादी में दखल देने से पहले बहुत सतर्क रहती हैं, लेकिन यह मामला अलग और असाधारण है।

हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि जमानत देने का आदेश संक्षिप्त, अस्पष्ट और बिना ठोस कारणों के पारित किया गया था। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष की दलीलों पर ठीक से विचार नहीं हुआ और न ही जमानत से जुड़े जरूरी कानूनी पहलुओं का कोई ठोस विश्लेषण किया गया। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।

इससे पहले तीस हजारी कोर्ट ने 20 जनवरी 2026 को उबैदुल्लाह नाम के एक स्ट्रीट वेंडर को जमानत दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि उस आदेश में एफआईआर, सबूतों और अभियोजन की दलीलों पर कोई स्पष्ट चर्चा नहीं थी।

अब सेशन कोर्ट को निर्देश दिया गया है कि वह 23 जनवरी 2026 को जमानत याचिका पर नए सिरे से विचार करे और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला दे।

दिल्ली पुलिस ने जमानत का कड़ा विरोध किया था। पुलिस ने कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज और एक सह-आरोपी के खुलासे का हवाला दिया। अभियोजन के मुताबिक, इन सबूतों से पता चलता है कि उबैदुल्लाह उस हिंसक भीड़ का हिस्सा था जिसने पुलिस को अतिक्रमण हटाने से रोका, पथराव किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

वहीं आरोपी के वकील ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए इसे फिशिंग एक्सपीडिशन बताया। उनका कहना था कि बिना पुख्ता आधार के आरोपी को मामले में फंसाया गया है और उसके खिलाफ ठोस सबूत नहीं हैं।

यह मामला 6 और 7 जनवरी की दरम्यानी रात का है। रामलीला मैदान इलाके में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़क गई थी। पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई कि तुर्कमान गेट के सामने स्थित मस्जिद को तोड़ा जा रहा है।

इसके बाद 150 से 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई और हालात बेकाबू हो गए। पथराव और बोतलें फेंके जाने से थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब इस मामले में आगे की सुनवाई सेशन कोर्ट में होगी।