योगेन्द्र यादव

योगेन्द्र यादव

  • न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की चर्चा रोकने की हड़बड़ी क्यों?

    Saturday 14th March 2026 09:17 AM

    पहली नजर में बात चाय के प्याले में तूफान जैसी थी। लेकिन जरा गहराई से देखें तो एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका के भ्रष्टाचार के जिक्र पर उठा बवाल हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की…

  • ईरान पर चुप्पी हमें शर्मसार करेगी

    Monday 09th March 2026 20:17 PM

    ‘आप सुनिए मेरी बात। नैतिकता, आदर्श, सिद्धांत ये सब अपने घर-समाज के नियम हैं। विदेश नीति इनसे नहीं चलती है। वहां हर कोई अपना राष्ट्रीय हित साधने आता है। हमें भी यही करना…

  • वर्चस्व को नकारना भारतीय संघ का स्वधर्म है

    Wednesday 04th March 2026 16:18 PM

    अब तक हम भारत गणराज्य के स्वधर्म के 3 सूत्रों की व्याख्या कर चुके हैं। अंतिम कड़ी में यहां हम चौथे सूत्र यानी संघवाद की चर्चा करेंगे, जिसे फैडरलिज्म कहा जाता है। संविधान के पहले अनुच्छेद…

  • अपने अर्थ, संदर्भ और मिजाज़ में भारतीय है हमारा लोकतंत्र

    Tuesday 24th February 2026 10:18 AM

    गणराज्य के स्वधर्म की शिनाख्त करती हुई इस श्रृंखला में हम आज हम तीसरे सूत्र यानी लोकतंत्र की चर्चा करेंगे। सेकुलरवाद और समाजवाद की तरह लोकतंत्र के बारे में भी यही मान्यता है…

  • भारत के स्वधर्म का विस्तार है समाजवाद

    Monday 16th February 2026 10:11 AM

    भारत गणराज्य के स्वधर्म की इस शृंखला के पहले लेख में हमने सर्वधर्मसमभाव यानी सेकुलरवाद की चर्चा की थी। अब हम स्वधर्म के दूसरे सूत्र यानी समता या समाजवाद की चर्चा करेंगे। समता…

  • भारत-अमरीका डील से किसानी का संकट और गहरा हो जाएगा

    Sunday 08th February 2026 10:03 AM

    इन पंक्तियों का लेखक पिछले कुछ समय से बार-बार यह आगाह करता रहा है कि चाहे मोदी सरकार कुछ भी कहे, ट्रम्प इसमें कामयाब होंगे कि वह भारत सरकार को ट्रेड डील पर मजबूर…

  • भारत गणराज्य के स्वधर्म का मूल सूत्र है सेकुलरवाद

    Sunday 01st February 2026 11:23 AM

    भारत गणराज्य की स्थापना छिहत्तर वर्ष पहले हुई थी, लेकिन उसके स्वधर्म की बुनियाद कोई तीन हज़ार साल पहले पड़ चुकी थी। आज का भारत गणराज्य “भारतवर्ष”, “हिन्दुस्तान” और “इंडिया” की धाराओं का…

  • कविता बोल रही है हमारे वक्त का सच

    Sunday 25th January 2026 10:16 AM

    मैं कोई कवि नहीं हूँ। कवि सम्मेलनों का श्रोता भी नहीं। काव्य की साहित्यिक आलोचना सी मेरा दूर-दराज़ का भी रिश्ता नहीं है। बस एक पाठक हूँ, और वह भी कभी-कभार। सच कहूँ…

  • पुस्तक मेले में जाइए, बच्चों के लिए हिंदी किताबें लाइए

    Sunday 18th January 2026 10:16 AM

    अगर आपको हिन्दी से प्रेम है तो कुछ ऐसा कीजिए, जिससे बच्चों को हिन्दी भाषा का चस्का लग जाए। उन्हें हिन्दी बोलने ही नहीं, पढऩे और लिखने में रस आना शुरू हो जाए। उनके लिए…

  • दूसरे दौर ने खोल दी है एसआईआर की पोल

    Sunday 11th January 2026 09:40 AM

    इंसान की अजीब फ़ितरत है। हम कभी भी किसी भी तरह की हकीकत के आदी हो सकते हैं। किसी भी त्रासदी और बर्बरता के साथ जीना सीख लेते हैं। उसे रोजमर्रा की आदत…

  • अच्छा किया मनरेगा से गांधी को मिटाकर

    Wednesday 24th December 2025 09:31 AM

    विपक्ष को ऐतराज़ है कि मनरेगा का नाम क्यों बदला जा रहा है। जिस ऐतिहासिक योजना को देश ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ के नाम से जानता रहा है, उसके नाम…

  • असम में चुनाव आयोग और भाजपा की जुगलबंदी

    Sunday 30th November 2025 09:05 AM

    कभी कभी एक छोटी से हरकत किसी व्यक्ति के चरित्र का पर्दाफाश कर देती है। ऐसा ही चुनाव आयोग के साथ हुआ। इसी 27 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस कर देश…

  • क्या चुनाव बॉयकॉट की नौबत आ पहुंची है?

    Saturday 22nd November 2025 09:40 AM

    बिहार चुनाव के परिणाम के बाद बहुत साथियों ने मुझसे यह सवाल पूछा – अब चुनाव लडऩे का मतलब ही क्या बचा है? अगर हर चुनाव में ले देकर भाजपा को ही जिताया…

  • एस.आई.आर. : अब शातिर तिकड़म में बदला तुगलकी फरमान

    Monday 03rd November 2025 08:42 AM

    जो तुगलकी फरमान था, वह अब शातिर तिकड़म में बदल चुका है। यानी राष्ट्रव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) का आदेश बिना सोचे-समझे लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने वाला एक…

  • पुरानी फाइल ने खोले चुनाव आयोग के झूठ

    Sunday 19th October 2025 09:20 AM

    वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण या एसआईआर का बुनियादी झूठ पकड़ा गया है। इस झूठ का पर्दाफ़ाश उस दस्तावेज से हुआ जिसे चुनाव आयोग पिछले तीन महीनों से छुपा रहा था। यह…

  • हमारी आत्मा पर दस्तक देता है सोनम वांगचुक

    Sunday 05th October 2025 09:07 AM

    हिमालय हमारे पास आया है, सोनम वांग्चुक के भेस में। उम्र है सिर्फ़ 5 करोड़ साल। हमारे लिए बुजुर्ग है, पहाड़ के लिहाज से युवा ही कहलायेगा। वो नन्हा सा बूढ़ा हमसे सवाल…

  • क्रिकेट को खेल ही रहने दो कोई काम ना लो

    Sunday 28th September 2025 11:13 AM

    अधिकांश देशवासियों की तरह मैं भी क्रिकेट का शौकीन हूँ। तमाम दौड़-भाग और खींच-तान के बीच वक्त मिले तो देख भी लेता हूँ, चाहे कुछ ओवर ही सही। और कुछ नहीं तो फ़ोन…

  • नेपाल में सत्तापलट: क्रांति या एक और भ्रांति?

    Friday 19th September 2025 09:55 AM

    चारों तरफ़ इतना अँधेरा है कि हम रौशनी के हर कतरे की तरफ़ दौड़ने लगते हैं। चाहे वो टिमटिमाता दिया हो, या जुगनू की रौशनी का भ्रम या फिर आग लगाने वाली चिंगारी-हम…

  • वोटबंदी की हार: आधार से मताधिकार

    Thursday 11th September 2025 08:29 AM

    सांप मरा तो नहीं लेकिन उसका डंक निकल गया। सुप्रीम कोर्ट के 8 सितंबर के फैसले से वोटबंदी का अभियान अभी रुका तो नहीं, लेकिन विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बहाने लाखों-करोड़ों नागरिकों…

  • ये फॉरेन पॉलिसी है या फ़ौरन पॉलिसी ?

    Thursday 04th September 2025 08:58 AM

    मेरे एक युवा दोस्त है जो फर्राटे से चीनी भाषा पढ़ते-बोलते हैं। आज सुबह मैंने उनसे एक विशेष अनुरोध किया। हमारे अखबार की हैडलाइन थी: “पीएम मोदी ने चीन में दिखाई भारत की…

  • वोट चोरी के आरोप को हल्के में ना लीजिए

    Monday 01st September 2025 08:45 AM

    वोट चोरी बहुत संगीन मसला है। यह आरोप लगाने वाले, इसका जवाब देने वाले और इसपर चर्चा करने वाले सभी को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, चूंकि यहाँ हमारे चुनावी लोकतंत्र की न्यूनतम और…

  • चुनाव आयोग पर उठते सवाल: चोरी के साथ अब सीनाजोरी?

    Sunday 24th August 2025 09:08 AM

    चुनाव आयोग की विशेष प्रेस कांफ्रेंस ने सिर्फ श्री ज्ञानेश कुमार गुप्ता का क़द छोटा नहीं किया। महज़ चुनाव आयोग नामक संवैधानिक संस्था की साख नहीं घटी। यह ना समझिए कि इस प्रकरण…

  • बिहार में बांग्लादेशी वोटर का शिगूफा

    Thursday 31st July 2025 13:03 PM

    यूँ तो हमारे देश में शिगूफ़ों की कोई कमी नहीं रही है। लेकिन पिछले दस साल में तो जैसे शिगूफ़े खिलाना एक राष्ट्रीय व्यवसाय हो गया है। आपको कोविड का दौर याद है?…

  • ‘सिर’फिरे आदेश से चल रहा है बिहार में फर्ज़ीवाड़ा

    Saturday 19th July 2025 16:57 PM

    अगर आपको देश के लोकतंत्र की चिंता है तो आपको बिहार में वोटर लिस्ट के “गहन पुनरीक्षण” (अंग्रेज़ी में एसआईआर यानी ‘सिर’) नामक सिरफिरी मुहिम पर गहन नज़र रखनी चाहिए। अगर आपको चुनाव…

  • पब्लिक को बुड़बक मानता है क्या चुनाव आयोग?

    Sunday 13th July 2025 09:40 AM

    वही हुआ जिसका अंदेशा था। दिल्ली से एक तुगलकी फरमान जारी हो गया। जब फरमान बिहार की ज़मीन पर पंहुचा तो रायता फ़ैल गया। उसे समेटा तो जा नहीं सकता, इसलिए अब रायता…