योगेन्द्र यादव

योगेन्द्र यादव

  • भारत गणराज्य के स्वधर्म का मूल सूत्र है सेकुलरवाद

    Sunday 01st February 2026 11:23 AM

    भारत गणराज्य की स्थापना छिहत्तर वर्ष पहले हुई थी, लेकिन उसके स्वधर्म की बुनियाद कोई तीन हज़ार साल पहले पड़ चुकी थी। आज का भारत गणराज्य “भारतवर्ष”, “हिन्दुस्तान” और “इंडिया” की धाराओं का…

  • कविता बोल रही है हमारे वक्त का सच

    Sunday 25th January 2026 10:16 AM

    मैं कोई कवि नहीं हूँ। कवि सम्मेलनों का श्रोता भी नहीं। काव्य की साहित्यिक आलोचना सी मेरा दूर-दराज़ का भी रिश्ता नहीं है। बस एक पाठक हूँ, और वह भी कभी-कभार। सच कहूँ…

  • पुस्तक मेले में जाइए, बच्चों के लिए हिंदी किताबें लाइए

    Sunday 18th January 2026 10:16 AM

    अगर आपको हिन्दी से प्रेम है तो कुछ ऐसा कीजिए, जिससे बच्चों को हिन्दी भाषा का चस्का लग जाए। उन्हें हिन्दी बोलने ही नहीं, पढऩे और लिखने में रस आना शुरू हो जाए। उनके लिए…

  • दूसरे दौर ने खोल दी है एसआईआर की पोल

    Sunday 11th January 2026 09:40 AM

    इंसान की अजीब फ़ितरत है। हम कभी भी किसी भी तरह की हकीकत के आदी हो सकते हैं। किसी भी त्रासदी और बर्बरता के साथ जीना सीख लेते हैं। उसे रोजमर्रा की आदत…

  • अच्छा किया मनरेगा से गांधी को मिटाकर

    Wednesday 24th December 2025 09:31 AM

    विपक्ष को ऐतराज़ है कि मनरेगा का नाम क्यों बदला जा रहा है। जिस ऐतिहासिक योजना को देश ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ के नाम से जानता रहा है, उसके नाम…

  • असम में चुनाव आयोग और भाजपा की जुगलबंदी

    Sunday 30th November 2025 09:05 AM

    कभी कभी एक छोटी से हरकत किसी व्यक्ति के चरित्र का पर्दाफाश कर देती है। ऐसा ही चुनाव आयोग के साथ हुआ। इसी 27 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस कर देश…

  • क्या चुनाव बॉयकॉट की नौबत आ पहुंची है?

    Saturday 22nd November 2025 09:40 AM

    बिहार चुनाव के परिणाम के बाद बहुत साथियों ने मुझसे यह सवाल पूछा – अब चुनाव लडऩे का मतलब ही क्या बचा है? अगर हर चुनाव में ले देकर भाजपा को ही जिताया…

  • एस.आई.आर. : अब शातिर तिकड़म में बदला तुगलकी फरमान

    Monday 03rd November 2025 08:42 AM

    जो तुगलकी फरमान था, वह अब शातिर तिकड़म में बदल चुका है। यानी राष्ट्रव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) का आदेश बिना सोचे-समझे लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने वाला एक…

  • पुरानी फाइल ने खोले चुनाव आयोग के झूठ

    Sunday 19th October 2025 09:20 AM

    वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण या एसआईआर का बुनियादी झूठ पकड़ा गया है। इस झूठ का पर्दाफ़ाश उस दस्तावेज से हुआ जिसे चुनाव आयोग पिछले तीन महीनों से छुपा रहा था। यह…

  • हमारी आत्मा पर दस्तक देता है सोनम वांगचुक

    Sunday 05th October 2025 09:07 AM

    हिमालय हमारे पास आया है, सोनम वांग्चुक के भेस में। उम्र है सिर्फ़ 5 करोड़ साल। हमारे लिए बुजुर्ग है, पहाड़ के लिहाज से युवा ही कहलायेगा। वो नन्हा सा बूढ़ा हमसे सवाल…

  • क्रिकेट को खेल ही रहने दो कोई काम ना लो

    Sunday 28th September 2025 11:13 AM

    अधिकांश देशवासियों की तरह मैं भी क्रिकेट का शौकीन हूँ। तमाम दौड़-भाग और खींच-तान के बीच वक्त मिले तो देख भी लेता हूँ, चाहे कुछ ओवर ही सही। और कुछ नहीं तो फ़ोन…

  • नेपाल में सत्तापलट: क्रांति या एक और भ्रांति?

    Friday 19th September 2025 09:55 AM

    चारों तरफ़ इतना अँधेरा है कि हम रौशनी के हर कतरे की तरफ़ दौड़ने लगते हैं। चाहे वो टिमटिमाता दिया हो, या जुगनू की रौशनी का भ्रम या फिर आग लगाने वाली चिंगारी-हम…

  • वोटबंदी की हार: आधार से मताधिकार

    Thursday 11th September 2025 08:29 AM

    सांप मरा तो नहीं लेकिन उसका डंक निकल गया। सुप्रीम कोर्ट के 8 सितंबर के फैसले से वोटबंदी का अभियान अभी रुका तो नहीं, लेकिन विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बहाने लाखों-करोड़ों नागरिकों…

  • ये फॉरेन पॉलिसी है या फ़ौरन पॉलिसी ?

    Thursday 04th September 2025 08:58 AM

    मेरे एक युवा दोस्त है जो फर्राटे से चीनी भाषा पढ़ते-बोलते हैं। आज सुबह मैंने उनसे एक विशेष अनुरोध किया। हमारे अखबार की हैडलाइन थी: “पीएम मोदी ने चीन में दिखाई भारत की…

  • वोट चोरी के आरोप को हल्के में ना लीजिए

    Monday 01st September 2025 08:45 AM

    वोट चोरी बहुत संगीन मसला है। यह आरोप लगाने वाले, इसका जवाब देने वाले और इसपर चर्चा करने वाले सभी को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, चूंकि यहाँ हमारे चुनावी लोकतंत्र की न्यूनतम और…

  • चुनाव आयोग पर उठते सवाल: चोरी के साथ अब सीनाजोरी?

    Sunday 24th August 2025 09:08 AM

    चुनाव आयोग की विशेष प्रेस कांफ्रेंस ने सिर्फ श्री ज्ञानेश कुमार गुप्ता का क़द छोटा नहीं किया। महज़ चुनाव आयोग नामक संवैधानिक संस्था की साख नहीं घटी। यह ना समझिए कि इस प्रकरण…

  • बिहार में बांग्लादेशी वोटर का शिगूफा

    Thursday 31st July 2025 13:03 PM

    यूँ तो हमारे देश में शिगूफ़ों की कोई कमी नहीं रही है। लेकिन पिछले दस साल में तो जैसे शिगूफ़े खिलाना एक राष्ट्रीय व्यवसाय हो गया है। आपको कोविड का दौर याद है?…

  • ‘सिर’फिरे आदेश से चल रहा है बिहार में फर्ज़ीवाड़ा

    Saturday 19th July 2025 16:57 PM

    अगर आपको देश के लोकतंत्र की चिंता है तो आपको बिहार में वोटर लिस्ट के “गहन पुनरीक्षण” (अंग्रेज़ी में एसआईआर यानी ‘सिर’) नामक सिरफिरी मुहिम पर गहन नज़र रखनी चाहिए। अगर आपको चुनाव…

  • पब्लिक को बुड़बक मानता है क्या चुनाव आयोग?

    Sunday 13th July 2025 09:40 AM

    वही हुआ जिसका अंदेशा था। दिल्ली से एक तुगलकी फरमान जारी हो गया। जब फरमान बिहार की ज़मीन पर पंहुचा तो रायता फ़ैल गया। उसे समेटा तो जा नहीं सकता, इसलिए अब रायता…

  • बिहार में मतदाता सूची विवाद: नौ भ्रांतियां और एक सच

    Monday 07th July 2025 10:07 AM

    पहला भ्रम: चुनाव आयोग बिहार की वोटर लिस्ट की गहरी छानबीन और संशोधन कर रहा है। सच: जी नहीं। बिहार में अभी तक चल रही मतदाता सूची का संशोधन नहीं होगा। पुरानी मतदाता…

  • ट्रम्प बनाम मोदी : किसका झूठ सबसे मजबूत?

    Saturday 28th June 2025 08:21 AM

    अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की बात पर भरोसा करना मुश्किल है। सच से उनका छत्तीस का आंकड़ा रहा है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार अपने पहले कार्यकाल में ट्रम्प ने 30,573 बार झूठ बोला…

  • कृषि व्यापार में अमेरिका के सामने घुटने टेकने की तैयारी

    Sunday 22nd June 2025 10:05 AM

    वाह, क्या जुगलबंदी है! अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता के कृषि वाले पक्ष पर नीति आयोग के पेपर को पढ़कर मेरी पहले प्रतिक्रिया यही थी। उधर अमरीकी सरकार घुड़की देती है…

  • इन सवालों से बच नहीं सकता चुनाव आयोग

    Sunday 15th June 2025 08:10 AM

    नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े अनेक ग़ैर-दलीय संगठनों और व्यक्तियों ने फिर उनके स्वर में अपना स्वर जोड़ा…

  • आतंकियों के मंसूबों को विफल करने के चार कदम

    Saturday 26th April 2025 09:54 AM

    पहलगाम में आतंकियों द्वारा निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या की तस्वीरें देख कर किस इंसान का कलेजा नहीं फटेगा, किस न्यायप्रिय व्यक्ति का खून नहीं खौलेगा? शोक के साथ क्षोभ होगा। ज़िम्मेदारी तय…

  • पूछती है गुलफिशां : क्या यही न्याय है?

    Friday 18th April 2025 10:53 AM

    जरा कल्पना कीजिए। आप घर पर बैठे हैं, पुलिस आकर आपको गिरफ्तार कर लेती है। आप पूछते हैं आपका कसूर क्या है। पुलिस आप पर एक से एक संगीन आरोप लगा देती है।…