लेखक आईआईटी मुंबई में पढ़ाते थे और सन 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।
सारी दुनिया में पौराणिक कथाएं कल्पना की उड़ानों से भरी होती हैं। बचपन में जब हम उन्हें सुनते हैं तो वे हमें बहुत मनमोहक लगती हैं और हमेशा हमारी स्मृतियों में बनी रहती…
सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के लिए पुस्तकें तैयार करने वाली संस्था एनसीईआरटी पाठ्यक्रम एवं पूरक अध्ययन सामग्री में तेजी से बदलाव कर रही है। ज्यादातर बदलाव सत्ताधारी दल के एजेंडे के अनुरूप किए…
आगामी 2 अक्टूबर 2025 से आरएसएस का शताब्दी वर्ष शुरू होगा। इसे मनाने के लिए संघ ने कई कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है। इनमें से एक है तीन व्याख्यानों की एक…
कुछ दिन पहले (26 जुलाई 2025) दो ईसाई ननों को छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया गया। उन पर जो आरोप लगाए गए, वे गंभीर थे जबकि मामला केवल इतना…
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) वह संस्था है जो स्कूली पाठ्यपुस्तकों की सामग्री के संबंध में अंतिम निर्णय लेती है। पिछले कुछ दशकों से विद्यार्थियों को तार्किक व निष्पक्ष ढंग से…
सन 2016 में आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि अब समय आ गया है जब हमें हमारी नई पीढ़ी को हर महत्वपूर्ण मौके पर भारत माता की जय का नारा लगाना…
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले आरएसएस के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं। हाल में उन्होंने 1975 में देश में आपातकाल लागू किए जाने के संदर्भ में कहा कि धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद ये दोनों…
इस साल (2025) में जून में देश ने आपातकाल (इमरजेंसी) लागू किए जाने की 50वीं वर्षगांठ मनाई। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में 25 जून को देश में आपातकाल लागू किया था।…
इन दिनों ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ में हिंदू राष्ट्रवाद के उदय एवं प्रभुत्व पर योगेन्द्र यादव, सुहास पलसीकर एवं अकील बिलग्रामी जैसे मेधावी समाज विज्ञानियों के अत्यंत गहन विचार प्रकाशित हो रहे हैं। वे…
पिछले चार दशकों के दौरान भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और डराने-धमकाने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती गई है। बाबरी मस्जिद के ढ़हाए जाने के बाद मुंबई में अभूतपूर्व हिंसा हुई जिसमें…
पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया हुई और पाकिस्तान में आंतकी अड्डों को निशाना बनाया गया। अब, संघर्षविराम लागू हो चुका है, इसलिए यह इस बात पर विचार करने…
पटना के निकट बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर, बौद्ध धर्म के अनुयायियों का एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थान है क्योंकि भगवान गौतम बुद्ध को यहीं निर्वाण प्राप्त हुआ था। इस मंदिर का संचालन बोधगया मंदिर…
नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर धीरे-धीरे अमल किया जा रहा है। अन्य बातों के अलावा, इसमें भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं भारतीय परंपराओं को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इतिहास विषय के पाठयक्रम…
पहलगाम के पास बैसरन में 26 पर्यटकों की हत्या हाल के समय की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक है। बैसरन एक अत्यंत रमणीक स्थान है जहां सिर्फ घोड़े पर सवार होकर या…
2024 के चुनावों से पहले राहुल गांधी ने खास तौर पर जाति जनगणना की जरूरत पर बात की थी। कई विपक्षी नेताओं ने इसका समर्थन किया था। कांग्रेस शासित राज्यों और एनडीए शासित बिहार ने भी…
कश्मीर के बैसरन में 26 सैलानियों को बेरहमी से क़त्ल कर दिया गया और कई अन्य घायल हुए। इस त्रासदी को उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह दावा किया गया…
दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी त्रासदियों में एक थी द्विराष्ट्र सिद्धांत का प्रतिपादन, जो औपनिवेशिकता-विरोधी भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन के खिलाफ था। इससे ब्रिटिश उपनिवेशवादियों को इस विशाल भौगोलिक क्षेत्र पर राज करने में…
वक्फ अधिनियम को संशोधित कर दिया गया है। संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किए जाने और राष्ट्रपति का अनुमोदन हासिल होने के बाद ‘यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025″…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हाल में नागपुर-स्थित आरएसएस मुख्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने आरएसएस के संस्थापक डॉ के।बी। हेडगेवार और द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि दी। इस यात्रा का खूब प्रचार हुआ और…
संघ परिवार द्वारा 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद से जो सैकड़ों साल पह्लेहुआ था वह अचानक समाज में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। इतिहास को देखने का एक…
वी-डेम इंस्टिट्यूट की भारत के संबंध में रपट, जो द हिंदू में प्रकाशित की गई है, में कहा गया है कि “यह रेखांकित करते हुए कि लोकतंत्र के लगभग सभी घटकों की स्थिति…
क्या औरंगजेब हिंदू विरोधी था? यह कहा जा सकता है कि औरंगजेब न तो अकबर जैसा था और ना ही दारा शिकोह जैसा। वह एक रूढ़िवादी व्यक्ति था और एक ओर जहां वह…
विश्व हिंदू परिषद ने इस स्वर्णिम अवसर का उपयोग मार्गदर्शक मंडल की बैठकों के आयोजन लिए किया। इसमें दिए गए भाषणों में मुसलमानों के खिलाफ जमकर जहर उगला गया। मुस्लिम विरोधी प्रोपेगेंडा, जो…
ओबीसी का तार्किक और धर्म से ऊपर उठकर उपवर्गीकरण किया जाना चाहिए। वर्तमान में चल रही योजनाओं और कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से लागू किया जाना जरूरी है। हमें सकारात्मक कदम उठाने होंगे।
स्वाधीनता संघर्ष ने न सिर्फ विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच एकता के बंधनों को मजबूत किया वरन् मिली-जुली संस्कृति को सशक्त करने में भी योगदान दिया। मुस्लिम लीग और आरएसएस जैसे संगठनों…