पीलीभीत: 100 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा, गरीबों के बैंक खाते खुलाकर करते थे फ्रॉड

यूपी के पीलीभीत से साइबर ठगी के एक बहुत बड़े और शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह गरीब और सीधे-सादे लोगों को 10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर चालू खाते खुलवाता था और फिर उनसे 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का साइबर फ्रॉड को अंजाम देता था। पुलिस की जांच में देश के 14 राज्यों तक फैले इस गिरोह का बैंकिंग नेटवर्क भी सामने आया है।

ये मामला पीलीभीत के जहानाबाद थाने का है। जहां पुलिस और साइबर सेल ने मिलकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य गरीब लोगों को सरकारी योजना और इनाम का झांसा देकर बैंक ऑफ बड़ौदा में चालू खाते खुलवाते थे। खाता खुलते ही वे एटीएम, आधार कार्ड, पासबुक और संबंधित सिम अपने कब्जे में ले लेते थे।

पूछताछ में सामने आया है कि सिर्फ जहानाबाद के 7 लोगों के खातों से 50 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। गिरोह ’47 बीईटी’ जैसी वेबसाइटों के जरिए गेमिंग और इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था। ठगी की रकम को यह तुरंत एटीएम से कैश निकाल लेते थे ताकि, खाता फ्रीज होने पर भी रकम बची रहे।

इस गिरोह की पहुंच इतनी गहरी थी कि गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और राजस्थान समेत 14 राज्यों के लोगों को निशाना बनाया गया। इन खातों पर साइबर पोर्टल पर अब तक 150 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। सबूत मिटाने के लिए ये हैंडलर दूर बैठकर जीमेल के जरिए मोबाइल डाटा डिलीट कर देते थे, जबकि पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने अपने सिम जला दिए और फोन तोड़ दिए।

इसका खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल ने बताया कि गिरोह में नर्सिंग का छात्र भी शामिल था। आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी सिम लेने और होटलों में रुकने के लिए किया जाता था। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम लैपटाप और मोबाइल से डाटा रिकवर कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

First Published on: September 21, 2026 10:27 AM
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