विश्लेषकों ने कहा, कोरोना के बढ़ते मामलों से प्रभावित हुए बाजार

नई दिल्ली। विश्लेषकों ने यह राय जताई है कि घरेलू शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजों, कोविड-19 से जुड़े घटनाक्रमों तथा वैश्विक रुख से तय होगी। उनका कहना है कि इस सप्ताह मौजूदा उच्चस्तर पर मुनाफावसूली का सिलसिला भी देखने को मिल सकता है।

विश्लेषकों ने कहा कि यूरोप में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों से पिछले सप्ताह बाजार की धारणा प्रभावित हुई। आगे चलकर भी संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, किसी प्रमुख घटनाक्रम के अभाव में वैश्विक संकेतक तथा कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों से बाजार की दिशा तय होगी। यदि कोविड-19 की वजह से किसी तरह के नए अंकुश की खबरें आती हैं, तो इससे बाजार प्रभावित होगा।

इस सप्ताह एशियन पेंट्स, एसीसी, बजाज ऑटो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज और आईडीबीआई बैंक के तिमाही नतीजे आएंगे। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, आगे चलकर बाजार कुछ नीचे आएगा।

निवेशकों की निगाह कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक स्तर पर कोविड-19 संक्रमण के आंकड़ों, अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों और चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों पर रहेगी। बीते सप्ताह बीएसई के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 526.51 अंक या 1.29 प्रतिशत की गिरावट आई।

विनोद नायर ने कहा, बाजार के तेजी से कोरोना के पहले के स्तर पर पहुंचने की वजह से अब उसमें कुछ ‘करेक्शन’ आएगा। इससे बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव आएगा, जो कुछ समय तक कायम रहेगा। बाजार को कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों से काफी उम्मीदें हैं।

सैमको सिक्योरिटीज की वरिष्ठ शोध विश्लेषक निराली शाह ने कहा, बाजार मुख्य रूप से हिंदुस्तान लीवर जैसी कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों से दिशा लेगा। मौजूदा उच्चस्तर पर मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।

First Published on: October 18, 2020 2:12 PM
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