रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि प्रस्तावित सुधार एनबीएफआई के प्रमुख व्यवसाय मॉडल को संरक्षित करेंगे और इस क्षेत्र में निवेशकों के विश्वास को मजबूत करके कुछ संस्थाओं के लिए वित्त पोषण की संभावनाओं को बेहतर बना सकते हैं।’
भारतीय रिजर्व बैंक ने 22 जनवरी को एक चर्चा पत्र जारी कर गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (एनबीएफआई) के लिए भारत में विनियामक ढांचे में बदलाव की पेशकश की थी। फिच ने कहा कि प्रस्तावित बदलावों से प्रशासन और जोखिम प्रबंधन बेहतर होंगे, हालांकि रेटिंग एजेंसी फिच द्वारा रेटिंग प्राप्त एनबीएफआई के लिए इन्हें प्रमुख कमजोर क्षेत्रों के रूप में नहीं देखती है।
फिच ने साथ ही कहा कि इस तरह के सुधार का दीर्घकालिक प्रभाव इसके कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।
नई दिल्ली। फिच रेटिंग्स ने बुधवार को कहा कि गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (एनबीएफआई) के नियामक ढांचे में प्रस्तावित बदलाव से क्षेत्र की स्थिरता और इनके वित्तपोषण में सुधार होने की संभावना है।