भारतीय निवेश से ऊंची वृद्धि हासिल कर सकता है श्रीलंका : प्रभु

उन्होंने शुक्रवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय निवेश से श्रीलंका ऊंची वृद्धि दर हासिल कर सकेगा और साथ ही वहां स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

The Union Minister for Commerce & Industry, Shri Suresh Prabhakar Prabhu holding a Press Conference on the 3rd meeting of Council for Trade Development and Promotion, in New Delhi on January 08, 2018.

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्र सुरेश प्रभु ने पड़ोसी देश श्रीलंका के साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया है।

उन्होंने शुक्रवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय निवेश से श्रीलंका ऊंची वृद्धि दर हासिल कर सकेगा और साथ ही वहां स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत चाहता है कि श्रीलंका हमारी 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर प्रगति का लाभ उठाए।’’

प्रभु जी20 और जी7 में भारत के शेरपा हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि हम श्रीलंका में निवेश करें जिससे वहां के लोगों को फायदा हो। भारत के निवेश से श्रीलंका में स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होगा। इससे श्रीलंका ऊंची वृद्धि की राह पर बढ़ सकेगा।’’

उन्होंने कहा कि भारत, श्रीलंका के हरित क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रभु ने कहा कि भारत चाहता है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी के जरिये श्रीलंका के साथ आर्थिक रिश्तों को मजबूत किया जाए।’’

प्रभु ने कहा कि सरकार इसमें मदद करेगी लेकिन अगुवा की भूमिका निजी क्षेत्र को निभानी होगी। उन्होंने श्रीलंका में चिकित्सा पर्यटन क्षेत्र में संभावना का भी जिक्र किया।

इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुनावर्द्धने ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे को शीर्ष प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने भारतीय निवेशकों से आगे बढ़कर श्रीलंका में निवेश संभावनाओं के दोहन का आह्वान किया।

First Published on: March 12, 2021 3:21 PM
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