जाह्नवी कपूर ने ‘पेड्डी’ विवाद पर मानी गलती, बोलीं- मुझे ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था

मुंबई। अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने फिल्म ‘पेड्डी’ में अपने किरदार के चित्रण को लेकर उठे विवाद पर अपनी गलती स्वीकार की है। उन्होंने माना कि फिल्म में उनके किरदार को जिस तरह पेश किया गया, उसे लेकर उन्हें अधिक सतर्क रहना चाहिए था। जाह्नवी ने कहा कि वह इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकतीं और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगी।

जाह्नवी ने यह बात करण जौहर के चर्चित शो ‘कॉफी विद करण’ के सीजन 9 में अभिनेता वरुण धवन के साथ बातचीत के दौरान कही। शो में करण जौहर ने उनसे फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार अचियम्मा के चित्रण को लेकर हुई आलोचना पर सवाल किया था। इस फिल्म का निर्देशन बुच्ची बाबू सना ने किया है, जबकि राम चरण इसमें मुख्य भूमिका में हैं।

क्या किरदार का चित्रण समस्याग्रस्त था?

जाह्नवी ने कहा कि फिल्म की कहानी का समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर उन्हें चिंता है। उन्होंने स्वीकार किया कि महिला किरदार को जरूरत से ज्यादा आकर्षक रूप में पेश करना और कुछ दृश्यों का चित्रण समस्याग्रस्त था।

अभिनेत्री ने कहा, “क्या मैं इससे बचने के लिए कुछ और कर सकती थी? क्या मुझे अधिक सतर्क रहना चाहिए था? बिल्कुल। क्या यह समस्याग्रस्त था और किरदार को जरूरत से ज्यादा वस्तु की तरह दिखाया गया? क्या कहानी के स्तर पर इसने यौन उत्पीड़न को बढ़ावा दिया? हां।”

उन्होंने आगे कहा कि अब वह यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगी कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

निर्देशक की बात मानने के साथ अपनी जिम्मेदारी भी स्वीकार की

जाह्नवी ने कहा कि फिल्म निर्माण के दौरान कलाकार अक्सर निर्देशक के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में कई बार कलाकारों को पूरी तरह तैयार पटकथा नहीं मिलती और उन्हें पहले से यह जानकारी भी नहीं होती कि दृश्यों को किस कैमरा एंगल से फिल्माया जाएगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन परिस्थितियों के बावजूद उन्हें अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए थी। जाह्नवी के मुताबिक, उन्हें अपने प्रभाव और फिल्म उद्योग में मिली विशेष स्थिति का इस्तेमाल करके अपने किरदार के चित्रण पर अधिक मजबूती से सवाल उठाने चाहिए थे।

उन्होंने कहा कि वह विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति से आती हैं और उन्हें इसका उपयोग उन मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए करना चाहिए था, जिनसे महिलाओं का सम्मान जुड़ा है।

विवाद के बाद निर्देशक ने मांगी थी माफी

फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब दर्शकों के एक वर्ग ने अचियम्मा के किरदार को जरूरत से ज्यादा कामुक अंदाज में पेश किए जाने पर आपत्ति जताई। कुछ दर्शकों ने यह चिंता भी जाहिर की कि फिल्म के कुछ दृश्य यौन उत्पीड़न को सामान्य रूप में दिखाते हैं या उसे बढ़ावा देते प्रतीत होते हैं।

विवाद बढ़ने के बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि फिल्म की टीम का महिलाओं का अपमान करने या उन्हें वस्तु की तरह पेश करने का कोई इरादा नहीं था। आलोचना के बाद विवादित दृश्यों को फिल्म के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाले संस्करण से हटा दिया गया या उनमें बदलाव किया गया।

जाह्नवी कपूर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब फिल्मों में महिला किरदारों के चित्रण, उनकी गरिमा और फिल्मकारों की सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर बहस जारी है।

First Published on: October 29, 2026 9:51 AM
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