नहीं रहीं प्रसिद्ध कलाकार अंजुम सिंह, कैंसर के चलते 53 साल में हुआ निधन

नई  दिल्ली। प्रसिद्ध भारतीय कलाकार अंजुम सिंह का 53 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह करीब 6 साल से कैंसर से लड़ रही थीं।  इस बात की जानकारी कला संग्रहकर्ता ‘किरण नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट’ ने दी है। अपने इंस्टा एकाउंट से पोस्ट करते हुए कहा है कि, ‘अंजुम सिंह का निधन हो गया है। वह एक शानदार कलाकार थीं। उन्होंने बहादुरपी से लंबे वक्त से कैंसर से जंग की।’

अंजुम मशहूर चित्रकार अर्पिता और परमजीत सिंह की बेटी थीं। उन्होंने शांतिनिकेतन के कला भवन से ललित कला में ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद दिल्ली के कॉलेज ऑफ आर्ट से इसी विषय में मास्टर डिग्री हासिल की।

उनका अंतिम कार्यक्रम ‘I am still here’ पिछले साल दिल्ली की तलवार गैलरी में हुआ था। इस कार्यक्रम की खास बात यह थी कि इसमें अंजुम सिंह ने जिन कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया था, वह कैंसर से लड़ने के उनके सफर को दर्शा रहीं थीं।

वहीं उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दिल्ली स्थित गैलरी ने इंस्टाग्राम पेज पर लिखा, ‘साढ़े छह साल तक कैंसर से बहादुरी से लड़ने के बाद आज अंजुम हमें छोड़कर चली गईं।उनके जाने से एक शून्यता आई है, जो हमेशा बरकरार रहेगी, लेकिन उनकी कला, उनकी मुस्कुराहट और कैंसर से लड़ने की उनकी दृढ़ता हमेश हमारे दिलों में रहेगी।’

इसी कड़ी में कवि और क्यूरेटर रंजीत होसकेटे ने ट्वीट कर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है, साथ ही कैंसर की बीमारी से लड़ने के लिए उनके हौंसले को सलाम करते हुए, उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदानाएं व्यक्त की हैं।

हिंदी के जानेमाने लेखक और रज़ा फाउंडेशन के न्यासी अशोक बाजपेयी ने भी उनके निधन पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि, ‘रज़ा फाउंडेशन को अंजुम सिंह के निधन का बहुत दुख है। वह युवा पीढ़ी के विशिष्ट चित्रकार के तौर पर उभरी थीं।’

साथ ही बाजपेयी ने उनकी तबीयत के बारे में बात करते हुए कहा,  ‘वह जानलेवा बीमारी से लड़ रही थीं। उनके माता-पिता जाने-माने चित्रकार अर्पिता सिंह और परमजीत सिंह हैं, जिन्हें काफी दुख पहुंचा है। रज़ा फाउंडेशन दुख की इस घड़ी में उनके साथ हैं।’

कलाकरों के साथ-साथ राज्यसभा सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन ने भी ट्विट कर उन्हें याद किया है।

Gone too soon. One of the brightest from the Indian art world. Anjum Singh, 53. Her powerful and moving final exhibition of her work is titled ‘I am still here.’ Condolences to her parents, artists extraordinaire, Paramjit Singh and Arpita Singh. Travel well, Anjum. pic.twitter.com/iL32Cf41lX

— Derek O’Brien | ডেরেক ও’ব্রায়েন (@derekobrienmp) November 17, 2020

निश्चित तौर पर अंजुम सिंह का हम सभी को इस तरह छोड़कर चले जाना, कला जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है, लेकिन उनके और उनकी अद्भुद कला के प्रति हमारा प्यार हमेशा जिंदा रहेगा।

 

 

First Published on: November 18, 2020 12:31 PM
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