संस्कार भारती के ‘सिनेटॉकीज’ में लघु फिल्म ‘एक्स्ट्रा इनिंग’ का प्रदर्शन

बुजुर्गों की प्रतिभा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश देती है फिल्म; प्रदर्शन के बाद निर्देशक प्रमोद सिंह और अभिनेता अरुण शेखर से हुई चर्चा।

मुंबई। संस्कार भारती के ‘सिनेटॉकीज’ कार्यक्रम में अक्टूबर माह के अंतिम शनिवार को लघु फिल्म ‘एक्स्ट्रा इनिंग’ का प्रदर्शन किया गया। प्रमोद सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दर्शकों ने सराहा। वृद्धाश्रम की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म में बुजुर्गों की सामाजिक स्थिति, उनकी प्रतिभा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाया गया है।

फिल्म का मुख्य संदेश है कि हर व्यक्ति में कोई न कोई हुनर होता है। यदि उसकी प्रतिभा को पहचानकर उचित अवसर दिया जाए, तो वह किसी भी उम्र में आत्मनिर्भर बन सकता है और सम्मान के साथ जीवन जी सकता है। फिल्म बुजुर्गों के प्रति समाज की सोच बदलने और उनकी क्षमताओं को पहचानने की जरूरत पर भी जोर देती है।

फिल्म प्रदर्शन के बाद वरिष्ठ पत्रकार रूना आशीष ने निर्देशक प्रमोद सिंह और फिल्म में प्रमुख भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण शेखर से संवाद किया। इस दौरान फिल्म के कथ्य, सामाजिक सरोकारों और प्रस्तुति पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने भी संवाद में सक्रिय भागीदारी की और फिल्म के संदेश पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर संस्कार भारती के मुंबई महानगर अध्यक्ष ऋषिकेश जोशी, प्रांत मंत्री जगदीश निषाद, कार्यक्रम संयोजक वंदिता चक्रदेव और फिल्म निर्माता उदय शंकर पानी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

फिल्म के निर्माता प्रकाश वीर आर्य हैं, जिन्होंने इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई है। अरुण शेखर भी फिल्म में प्रमुख भूमिका में नजर आए हैं।

सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों के प्रदर्शन और उनके माध्यम से सार्थक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ‘सिनेटॉकीज’ का यह आयोजन सफल रहा। कार्यक्रम ने एक बार फिर रेखांकित किया कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता जगाने और सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देने का सशक्त जरिया भी है।

First Published on: November 1, 2026 9:26 AM
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