फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों के साथ 16 फरवरी 2026 यानी सोमवार रात के आसपास मुंबई पहुंचे। उनका विमान मुंबई एयरपोर्ट पर उतरा, जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह मैक्रों की 2017 में सत्ता संभालने के बाद भारत की चौथी आधिकारिक यात्रा है, जो तीन दिनों (17 से 19 फरवरी 2026) तक चलेगी।
मैक्रों का मुख्य उद्देश्य भारत के साथ रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। सबसे बड़ी चर्चा नए राफेल लड़ाकू जेट्स की बहु-अरब डॉलर डील पर है। पिछले हफ्ते रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 114 अतिरिक्त राफेल जेट्स खरीदने की मंजूरी दी थी।
यह डील लगभग 3।60 लाख करोड़ रुपये (करीब 40-45 अरब डॉलर) की है। इनमें से ज्यादातर जेट्स भारत में ही मेक इन इंडिया के तहत निर्मित होंगे। अगर डील फाइनल हुई, तो यह 2016 में भारतीय वायुसेना के लिए खरीदे गए 36 राफेल और नौसेना के लिए 26 राफेल में जोड़ देगी। यह भारत की सबसे बड़ी विमान खरीद में से एक होगी और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का ‘शताब्दी का अनुबंध’ माना जा रहा है।
17 फरवरी 2026 को क्या-क्या कार्यक्रम होंगे?
दोपहर करीब 3:15 बजे मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
बैठक में कई समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे।
दोनों नेता इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का शुभारंभ करेंगे।
वे गेटवे ऑफ इंडिया जाएंगे और 2008 मुंबई आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
मैक्रॉन बॉलीवुड अभिनेताओं से मिलेंगे और इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम का उद्घाटन करेंगे।
साथ ही, भारत की पहली हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का वीडियो कॉन्फ्रेंस से उद्घाटन होगा।
18-19 फरवरी को मैक्रों दिल्ली जाएंगे, जहां वे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। यह समिट AI के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग पर फोकस करेगी, खासकर हेल्थकेयर और जिम्मेदार इनोवेशन पर।
जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हुआ, जिसे दोनों पक्षों ने ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा। फ्रांस भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार है और दोनों देश इंडो-पैसिफिक में सुरक्षा, व्यापार और तकनीक पर मजबूत सहयोग करते हैं।
एक्सपर्ट क्रिस्टोफ जाफरेलोट ने इस संभावित डील को ‘बड़ी जीत’ बताया। यह यात्रा भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगी, खासकर रक्षा और AI जैसे क्षेत्रों में। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
