नई शिक्षा नीति 2020 के बाद स्कूलों में पढ़ाई का तरीका लगातार बदला जा रहा है। अब जोर सिर्फ रटने पर नहीं, बल्कि यह समझने पर है कि बच्चा सच-मुच किसी विषय को कितना समझ पा रहा है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) पूरे देश में सफल मूल्यांकन (SAFAL Assessment) शुरू करने जा रहा है। यह एक तरह का ऐसा टेस्ट है जिसमें यह आंका जाएगा कि बच्चों में समझने की क्षमता कितनी बढ़ी है, वे किस तरह सोचते हैं और किसी स्थिति को हल करने में उनकी क्षमता कैसी है। यह परीक्षा बच्चों पर बोझ डालने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सीखने की प्रक्रिया को सुधारने के लिए बनाई गई है।
सीबीएसई ने घोषणा की है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यह परीक्षा 8 दिसंबर से शुरू होगी। यह पूरी तरह पेन-पेपर मोड में होगी और देश के सभी स्कूलों में आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा में कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने स्कूलों को इसके लिए दिशा-निर्देश भेज दिए हैं और एक लिंक भी अवेलेबल कराया है, जिससे स्कूल परीक्षा से एक दिन पहले ओएमआर शीट डाउनलोड कर सकेंगे।
सफल मूल्यांकन का उद्देश्य क्या है?
सफल मूल्यांकन का उद्देश्य रटकर याद करने की आदत को कम करना, , बच्चों की वास्तविक समझ और अवधारणा की जांच करना, उनकी सोचने-समझने की शक्ति को पहचानना, क्लास में पढ़ाए गए विषयों को वे कितना लागू कर पाते हैं, इसका परीक्षण
शिक्षा को ज्यादा यूजफुल और प्रभावी बनाना है। सीबीएसई ने साफ कहा है कि यह कोई प्रतियोगी परीक्षा नहीं है। छात्रों के नंबर कहीं भी नहीं भेजे जाएंगे बल्कि स्कूल खुद, इस रिजल्ट का विश्लेषण करेंगे, ताकि वे जान सकें कि बच्चे किन क्षेत्रों में अच्छी समझ रखते हैं और कहां सुधार की जरूरत है।
परीक्षा का पूरा शेड्यूल
परीक्षा के इस पूरे शेड्यूल के अनुसार कक्षा 9 के छात्रों की परीक्षाएं 8 दिसंबर से शुरू होंगी, जिसमें पहले दिन विज्ञान, दूसरे दिन भाषा और तीसरे दिन गणित की परीक्षा होगी। इसी तरह कक्षा 6 के बच्चे 11 दिसंबर से अपनी परीक्षाएं देंगे, जहाँ पहले पर्यावरण विज्ञान, फिर 15 दिसंबर को भाषा और 16 दिसंबर को गणित का टेस्ट लिया जाएगा। इन परीक्षाओं में सिर्फ यही देखा जाएगा कि छात्र प्रश्नों को समझकर उनका जवाब दे पा रहे हैं या सिर्फ याद किए हुए जवाब लिख रहे हैं।
दो भाषाओं में होगा आयोजन
सीबीएसई के अनुसार परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए ओएमआर शीट भी स्कूलों को अवेलेबल कराई जाएगी, जिसे प्रिंट करके परीक्षा के दिन विद्यार्थियों में बांटा जाएगा।
